घाटे से जूझ रही भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की हालत और खराब हो गई है। कंपनी के इतिहास में पहली बार 1.76 लाख कर्मचारियों को फरवरी माह का वेतन नहीं मिला है। इस वजह से देश भर में कार्यरत बीएसएनएल के कर्मचारियों में रोष व्यापत हो गया है। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार से मदद करने की अपील की है। ऐसा पहली बार हुआ है कि कंपनी के पास इतना पैसा भी नहीं है कि वो कर्मचारियों को सैलरी दे सके।
कंपनी के कर्मचारियों की यूनियन ने इस बारे में दूरसंचार मंत्रालय को पत्र लिखा है। यूनियन का आरोप है कि रिलायंस जियो द्वारा बेहद ही सस्ती दरों पर मोबाइल सेवा उपलब्ध कराए जाने से पूरी टेलीकॉम इंडस्ट्री का हाल बेहाल है। इससे अन्य कंपनियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
कर्मचारियों ने सरकार से साथ मांगा है और अपील की है कि वो कर्मचारियों को वेतनमान जारी करे। बीएसएनएल की कमाई का 55 फीसदी हिस्सा इस मद में जाता है। कंपनी के वेतन बिल में प्रत्येक साल आठ फीसदी की वृद्धि हो रही है। लेकिन कमाई बहुत ज्यादा नहीं हो रही है।