विश्व की दिग्गज और सातवें नंबर पर मौजूद ऑटो कंपनी फिएट क्राइसलर ने अपने को आठवें पायदान पर स्थित रेनॉ में विलय करने का प्रस्ताव दिया है। अगर ऐसा होता है तो फिर यह भविष्य में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी ऑटो कंपनी बन जाएगी।
जर्मनी की फॉक्सवैगन दुनिया की सबसे बड़ी और जापान टोयोटा दूसरी बड़ी कार निर्माता कंपनी है। इस घोषणा के बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। फिएट के शेयर में सोमवार को 10 फीसदी और रेनॉ के शेयर में 14 फीसदी का उछाल आया।
फिएट का कहना है कि इस विलय के बाद कर्मचारियों की संख्या में कमी हो सकती है। विलय के बाद रिसर्च, खरीद लागत और अन्य गतिविधियों में शेयरिंग से दोनों कंपनियों की सालाना 5.6 अरब डॉलर की बचत होगी। एफसीए की अमेरिका और एसयूवी मार्केट में अच्छी पकड़ है। रेनॉ यूरोप में मजबूत है और इलेक्ट्रिक व्हीकल डेवलपमेंट में आगे है।
नई कंपनी में चेयरमैन एजनेली फैमिली के सियोन जॉन एल्कन होंगे। रेनॉ के चेयरमैन जेन-डॉमिनिक नई कंपनी के सीईओ हो सकते हैं। एजनेली फैमिली के पास एफसीए के 29 फीसदी शेयर हैं। सोमवार को सुबह आठ बजे रेनॉ के निदेशक मंडल की बैठक हुई थी।