प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीकानेर जमीन बिक्री के मामले की जांच के सिलसिले में राजस्थान के बीकानेर में आठ जगहों पर सर्च अभियान चलाया। इस जमीन खरीद मामले में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और बिजनेसमैन राबर्ट वाड्रा की कंपनी का नाम भी कथित तौर पर शामिल है। छापेमारी के दौरान ईडी ने वाड्रा की उस कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की, जिसने बीकानेर स्थित जमीन खरीदी।
ईडी की टीम ने इस मामले से संबंधित तत्कालीन गिरदावर, पटवारियों, तहसीलदारों और अन्य लोगों से भी पूछताछ की। मामले से जुड़े लोगों को पहले समन के जरिये पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन ये नहीं पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक ईडी की टीम ने बीकानेर में जमीन खरीद मामले के दस्तावेज खंगाले और कुछ दस्तावेज जब्त भी किए हैं। इन जमीनों की खरीद महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के विस्थापितों से जुड़ी है।
2006-07 में रेंज विस्थापितों के नाम पर जमीन का फर्जी आवंटन हुआ था, जिसमें वाड्रा की कंपनी शामिल थी। कुल 16 मामले हैं, जिनमें 4 मामले वाड्रा की कंपनी से जुड़े हैं। जिन लोगों के नाम पर जमीनें आवंटित हुईं, वे असल में थे ही नहीं। वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट्स ने 275 बीघा जमीन खरीदी थी। मामले का खुलासा 2010 में हुआ। फर्जी आवंटन से जुड़े 16 केस गजनेर और दो केस कोलायत पुलिस थाने में दर्ज हुए हैं। इनमें चार केस वाड्रा की कंपनी से जुड़े हैं। इस मामले में पूर्व में कुछ गिरफ्तारियां भी हुई थीं। प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा चलाए गए सर्च अभियान के बाद समझा जा रहा है कि ईडी जल्द ही इस मामले से जुड़े लोगों और कंपनियों के खिलाफ समन जारी कर सकता है।