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इंडिगो के संस्थापकों में छिड़ा विवाद, उड़ान पर पड़ सकता है बुरा असर

Thu, 16 May 2019 11:28 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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जेट एयरवेज के बंद होने के बाद भारत के एविएशन सेक्टर के लिए एक और बुरी खबर आई है। भारत की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो के संस्थापकों के बीच विवाद शुरू हो गया है। इंडिगो अरबपति कारोबारी राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल द्वारा स्थापित की गई थी, जिनके संबंध अब ठीक नहीं हैं। अगर उनके बीच चल रहा यह विवाद नहीं सुलझा, तो कंपनी की फ्लाइट्स पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। 

ये है मामला

हालांकि इस संदर्भ में इंडिगो ने बयान देने से मना कर दिया है। दरअसल राहुल भाटिया को संदेह है कि राकेश गंगवाल इंडिगो में कुछ हेरा फेरी करने का प्रयास कर रहे हैं। भाटिया को ऐसा लगता है कि अपनी टीम को लाकर गंगवाल कंपनी में अपनी जगह और मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। 

रोनोजॉय दत्ता को नियुक्त किया गया था सीईओ

जेएसए लॉ राहुल भाटिया का केस संभालेगी। वहीं जेएसए लॉ कंपनी राकेश गंगवाल का केस संभालेगी। बता दें कि पिछले साल इंडिगो के अध्यक्ष आदित्य घोष ने कंपनी से इस्तीफा दे दया था। इसके बाद इंडिगो के एक वरिष्ठ अधिकारी संजय कुमार ने भी कंपनी का साथ छोड़ दिया था। इस साल जनवरी में रोनोजॉय दत्ता को इंडिगो का सीईओ नियुक्त किया गया था। दत्ता दो सालों तक एयर सहारा के अध्यक्ष रह चुके हैं। 

61,833 करोड़ रुपये है कंपनी का मार्केट कैप

अरबपति कारोबारी राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल द्वारा स्थापित इंडिगो ने 4 अगस्त 2006 को दिल्ली से अपना परिचालन शुरू किया था। 15 मई को विमानन कंपनी का मार्केट कैप 61,833 करोड़ रुपये था। कंपनी का डोमेस्टिक मार्केट शेयर 47 फीसदी है। इंडिगो के प्रतिदिन 1400 विमान उड़ान भरते हैं। इसके साथ ही आपको बता दें कि कंपनी के बेड़े में कुल 225 विमान हैं। इंडिगो में राकेश गंगवाल और उनके परिवार की 36.69 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं कंपनी में राहुल भाटिया और उनके परिवार की हिस्सेदारी 38.26 फीसदी है।

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