दिल्ली चुनाव प्रचार में सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में डट गए हैं। नामांकन खत्म होने के दूसरे ही दिन अरविंद केजरीवाल ने बड़ा रोड शो कर आप प्रत्याशियों के पक्ष में जमकर प्रचार किया, तो भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने भी छोटी-छोटी सभाएं कर अपने पक्ष में हवा बनाने का काम शुरू कर दिया।
लेकिन पूरे प्रचार के दौरान प्रदूषण का मुद्दा कहीं नहीं उठा, जबकि आज दिल्ली का प्रदूषण स्तर काफी गंभीर से लेकर अस्वास्थ्यप्रद स्तर पर बना हुआ है। बुधवार को आनंद विहार में प्रदूषण के प्रमुख कारक PM 2.5 का स्तर 542 तक पहुंच गया था, जो बेहद खतरनाक स्तर का प्रदूषण माना जाता है। इसके अलावा ओखला एरिया में PM 2.5 का स्तर 412, मेजर ध्यानचंद्र स्टेडियम पर 392 और आईटीओ पर 429 तक पहुंच गया था।
अक्टूबर-नवंबर माह में जैसे ही प्रदूषण स्तर इसके आसपास पहुंचता है, तब इस पर खूब हंगामा मच जाता है। दिल्ली के प्रदूषण के लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब के किसानों को पराली जलाने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाने लगता है। इसके उपाय के लिए किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए उन पर दंडात्मक कार्रवाई होने लगती है और किसानों को पराली के लिए सब्सिडी देकर पराली जलाने से रोकने के उपाय सुझाए जाने लगते हैं। लेकिन इस समय दिल्ली के नेता गंभीर प्रदूषण में चुनाव प्रचार कर रहे हैं और कहीं भी प्रदूषण मुद्दा नहीं बन रहा है।
भाजपा नेता हरीश खुराना ने कहा कि अब अरविंद केजरीवाल सरकार को बताना चाहिए कि इस समय के प्रदूषण के लिए कौन जिम्मेदार है? इस समय किसान पराली भी नहीं जला रहे हैं और आसपास बारिश भी हुई है। खुराना का आरोप है कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निबटने के लिए कोई उपाय नहीं किए हैं, जिसकी वजह से प्रदूषण कम नहीं हो रहा है। उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
भाजपा करेगी बड़ा वादा
भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वह प्रदूषण से निबटने के लिए अपने संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) में बड़े वादे कर सकती है। इसके लिए दिल्ली के सभी प्रमुख इलाकों में स्मॉग टावर लगाने का वादा किया जा सकता है। इसके अलावा रोजाना निकलने वाले कचरे के बेहतर प्रबंधन, कचरा निस्तारण के लिए आधुनिक मशीनें और साफ-स्वच्छ जल का वादा किया जा सकता है। पार्टी ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरीफेरल की तर्ज पर बेहतर सड़कों का वायदा भी कर सकती है।