110 अरब डॉलर (7.80 लाख करोड़ रुपये) के टाटा समूह के चेयरमैन पद पर तीन साल बाद फिर साइरस मिस्त्री की ताजपोशी का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने बुधवार को साइरस मिस्त्री पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए पद पर फिर बहाल करने का आदेश दिया। एनसीएलएटी के इस फैसले को पूर्व चेयरमैन रतन टाटा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीली न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के साइरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद पर बहाल किए जाने के फैसले से समूह की कंपनियों के शेयरों में बुधवार को 4 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। इस क्रम में टाटा ग्लोबल बेवरेजिस में 4.14 फीसदी, टाटा कॉफी में 3.88 फीसदी और टाटा मोटर्स में 3.05 फीसदी की कमजोरी रही। बीएसई सेंसेक्स में टाटा मोटर्स सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर रहा।
इसके अलावा इंडियन होटल्स कंपनी में 2.48 फीसदी, टाटा केमिकल्स में 1.65 फीसदी, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन में 1.22 फीसदी और टाटा पावर में लगभग 1 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई। हालांकि इसके विपरीत समूह की सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेस (टीसीएस) में मामूली 0.07 फीसदी, टाटा मेटालिक्स में 2.07 फीसदी, टाटा कम्युनिकेशंस में 1.68 फीसदी, टाटा इलेक्सी में 1.53 फीसदी, टाटा स्टील में 1.16 फीसदी और टाइटन कंपनी में 0.09 फीसदी मजबूती देखने को मिली।
शापूरजी पलोनजी कारोबारी घराने से ताल्लुक रखने वाले मिस्त्री को अक्तूबर, 2016 में टाटा संस के चेयरमैन पद से हटा दिया गया था। मिस्त्री ने इस फैसले को एनसीएलटी में चुनौती दी थी, जहां उनकी याचिका खारिज हो गई थी। बाद में उन्होंने एनसीएलएटी में अपील की, जहां उन्हें अब सफलता मिली।
टाटा संस-सायरस मिस्त्री मामले की अब तक की घटनाएं इस प्रकार हैं :