वहीं, बेयर में वरिष्ठ भूमिकाओं के लिए ‘इंटरनेशनल कैरियर्स’ कैरियर बनाने को लेकर एक अहम विभाग है। क्षेत्रीय या वैश्विक भूमिकाओं की तरफ रुख करने के लिए बेयर में विभिन्न बाजारों व कारोबारों का ज्ञान, सहयोग व संस्कृति के मॉडल को अहम जरूरत समझा जाता है।
साउथ एशिया बेयर के कंट्री ग्रुप एचआर हेड केएस हरीश ने बताया कि लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के इस तरह के प्रोत्साहन के परिणामस्वरूप महिला कर्मचारियों का एक समूह तैयार हुआ है, जिनकी आकांक्षाएं असीम हैं और किसी भी जगह पर काम करने के लिए तैयार हैं। उन्हें पता है कि कंपनी उनकी प्राथमिकताओं को समझती है और साथ मिलकर नेतृत्व वाले पदों पर काम करने के लिए तैयार हैं।
लैंगिक विविधता के फायदों से कंपनियां अंजान
कई शोध अध्ययनों ने लैंगिक विविधता वाली कंपनियों के मूल्यों को स्थापित किया है। हालांकि, सीआईआई इंडियन वूमेन नेटवर्क (आईडब्ल्यूएन) तथा ईवाई के हालिया अध्ययन में इस बात का उल्लेख किया गया है कि 69 फीसदी कंपनियां लैंगिक विविधता के फायदों को समझने में अक्षम है।
नियुक्ति रणनीति की जरूरत
यूफ्लेक्स लिमिटेड में ह्यूमन रिसोर्सेज (भारत व वैश्विक) के प्रेसिडेंट चंदन चटर्जी ने बताया कि कारोबारी दिग्गजों को एक नियुक्ति रणनीति विकसित करनी चाहिए, जो कम लैंगिक विविधता वाली कंपनियों में लैंगिक विविधता को बढ़ावा देता हो और योग्यता को महत्ता देता हो।
कंपनियों को लैंगिक विविधता वाली संस्कृति के लिए तेजी से काम करना चाहिए, जो संबंधों में भरोसे को बढ़ावा देता हो, जिससे उन्हें हर चीज में अपना बेहतरीन देने के लिए प्रोत्साहित मिले। मर्सर में कैरियर के इंडिया बिजनेस लीडर शांति नरेश ने कहा कि प्रतिनिधित्व अनुपात पर ध्यान केंद्रित करने का आरंभिक प्रयास बढ़िया है। कंपनी में सभी स्तरों पर दोनों लिंगों की सतत भागीदारी कंपनी को विविधता के फायदों के अनुभव कराने के लिए आवश्यक है।