अगली बार आप कहीं नौकरी के लिए आवेदन दें, तो हो सकता है कि कोई इंसान नहीं, बल्कि कंप्यूटर यह बताए कि आप इसके लायक हैं या नहीं। इसकी वजह है कि नौकरी के आवेदनों या सोशल मीडिया प्रोफाइल को छांटने और काबिल व्यक्ति को परखने के लिए इंसान से ज्यादा तेज और सटीक प्रोग्राम मौजूद हैं।
ये प्रोग्राम न सिर्फ आपकी योग्यता को नौकरी की जरूरतों के साथ मिलाकर परख सकता है, बल्कि बात रखने के आपके तरीकों से आपके व्यक्तित्व और खासियत को पहचान सकता है। भर्ती करने वाली टेक फर्म, 'एनटेलो' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन बिश्के के मुताबिक, "ये एल्गोरिदम 20 से 50 ऐसी चीजों को परखने की कोशिश करते हैं, जिन्हें नौकरी देने वाले जानबूझकर या अनजाने में प्रतिभागियों के चयन के समय परखते हैं। हालाँकि वो ये नहीं मानते कि कभी भी ऐसा कोई मौका आएगा, जब कंप्यूटर आखिरी फैसला लेगा।
वो कहते हैं, " इसका मकसद ये बताना नहीं कि नौकरी पर किसे रखा जाए, लेकिन ये शायद बता दे कि किन पाँच लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाए।" भर्ती के जितने ज्यादा आँकड़ों का विश्लेषण एल्गोरिदम कर सकते हैं, उतनी ज्यादा सटीक उनका आकलन होगा और वो पिछली सफलता और असफलता से भी सीख सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर कोई चुना हुआ प्रत्याशी नौकरी में अच्छा करता है तो उसके प्रोफाइल को एल्गोरिदम में डाला जा सकता है, जिससे कि भविष्य में इस तरह के प्रोफाइल वाले प्रत्याशियों को पहचाना जा सके।
मशीन सीखने वाली भर्ती फर्म, 'गिल्ड' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शीरोव देसाई कहते हैं, "शायद अपने कार्यकाल में मैंने 20 हजार से 30 हजार आवेदन पत्रों को देखा है, लेकिन एक मशीन, जिसमें लाखों आवेदन पत्र डाले गए हैं, वो मुझसे कहीं बेहतर काम कर पाएगा।" देसाई कहते हैं, "शक्तिशाली कंप्यूटर और डेटा विज्ञान के आने से पहले नियोक्ताओं को काफी वक्त इन आवेदकों को परखने के लिए बिताना पड़ता था। उनके और उनके काम से जुड़ी जानकारियों को खंगालने और फैसला लेने में कि वो पद के लिए लायक हैं या नहीं।" ये सब अब कंप्यूटर की मदद से अपने आप और तेजी से होता है। ये एल्गोरिदम कई बार वो चीजें भी देख सकते हैं, जो इंसान नहीं देख पाता।