सुधार की उम्मीद
इडलविज फाइनेंशियल सर्विसेज के मुताबिक, पिछले एक साल के मुकाबले गिरवी रखे शेयरों के बकाया भुगतान में 20 फीसदी की कमी आई है। आने वाले कुछ वर्षों में इसमें 30 से 40 फीसदी की गिरावट और आ सकती है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के कर्ज को देना पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, करीब 820 कंपनियों के संस्थापकों ने 2.30 लाख करोड़ रुपये के शेयर कर्ज के लिए गिरवी रखे हुए हैं।
कंपनियों को लेना होगा सबक
मुझे लगता है कि भारतीय कंपनियों को इससे सबक लेना चाहिए और शेयरों को गिरवी रख फंड जुटाने के तरीकों का इस्तेमाल आखिरी विकल्प के तौर पर किया जाना चाहिए।
-मनीष संथालिया, सीआईओ, मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट
इन कंपनियों की बुरी स्थिति
| कंपनी |
संस्थापकों का हिस्सा |
गिरवी रखे शेयर (फीसदी में) |
| रिलायंस इंफ्रा |
49.3 फीसदी |
83.6 |
| रिलायंस पॉवर |
75 |
82.8 |
| जीएमआर इंफ्रा |
63.1 |
82.7 |
| जी-इंटरटेनमेंट |
41.6 |
59.4 |