कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस संकट के बीच भी उनके सेवाओं को जारी रखने के असाधारण काम के लिए उन्हें यह वेतन दिया जाएगा। इस उनके मूल वेतन के आधार पर तय किया जाएगा।
1,30,000 कर्मचारियों को होगा लाभ
कंपनी के इस कदम से देश में उसके 1,30,000 कर्मचारियों को लाभ होगा। दिसंबर 2019 तक कंपनी के देश में कुल कर्मचारियों की संख्या 2,03,700 थी। कर्मचारियों को भेजे एक संदेश में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ब्रायन हंफरीज ने कहा कि यह अतिरिक्त वेतन अप्रैल के वेतन के साथ जोड़कर दिया जाएगा।
कर्मचारियों के लगन, ईमानदारी और साहस की सराहना
उसके बाद कंपनी स्थिति की मासिक समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मुश्किल समय में भी उसके कर्मचारी ग्राहकों के लिए सेवाओं को सुचारू बनाने में लगे हैं और वह उनके लगन, ईमानदारी और साहस की सराहना करते हैं।
आगे हंफरीज ने कहा कि, ‘‘भारत और फिलीपींस में हमारे एसोसिएट की सेवाओं को जारी रखने के असाधारण प्रयासों का हम सम्मान करते हैं। हम एसोसिएट और उससे निचले स्तर के कर्मचारियों अप्रैल में उनके मूल वेतन के आधार पर 25 फीसदी अधिक वेतन देंगे।’’
कोरोना को बताया दशकों में दुनिया का सबसे बड़ा संकट
कोरोना वायरस महामारी को दशकों में दुनिया का सबसे बड़ा संकट बताते हुए हंफरीज ने कहा कि सभी वैश्विक कंपनियां लंदन से लेकर मुंबई, मनीला से लेकर न्यूयॉर्क तक इस महामारी के असर को महसूस कर रही हैं।
देश में सबसे ज्यादा संक्रमित महाराष्ट्र में
मालूम हो कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस भारत में तेजी से पांव पसार रहा है। शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस वायरस से देश में 17 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 724 लोग संक्रमित हैं और 66 लोग ठीक हो चुके हैं। इसी बीच साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट, शिरडी ने महाराष्ट्र मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 करोड़ रुपये दान दिए हैं। महाराष्ट्र इस वायरस से देशभर में सबसे ज्यादा संक्रमित है।