एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि नियामक ने निजी क्षेत्र के इस बैंक द्वारा बीते कुछ साल में किये गये विभिन्न खुलासों में शुरुआती जांच शुरू की है। वहीं, शेयर बाजार भी पीछे 2012 तक के कुछ सौदों के संबंध में हालिया रिपोर्टों के बारे में अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांग सकते हैं।
वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज तथा इसके प्रवर्तक भी नियामक की जांच के दायरे में आ गए हैं, क्योंकि यह मामला ऋण लेने के बदले कथित तौर पर अवैध तरीके से फायदा पहुंचाने से जुड़ा हुआ है। कंपनी को आईसीआईसीआई बैंक तथा कुछ सरकारी बैंकों सहित ऋणदाताओं के एक समूह ने ऋण दिया था।
सेबी ने पिछले कुछ सप्ताह में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक द्वारा पिछले कुछ वर्षों में जारी विभिन्न डिस्क्लोजर की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। वहीं स्टॉक एक्सचेंज इस संबंध में सामने आई हालिया रिपोर्ट पर अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांग सकती है, जो साल 2012 में हुए सौदों से जुड़ी है।
देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक
आईसीआईसीआई बैंक बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक है। इसका बाजार पूंजीकरण करीब 1.8 लाख करोड़ रुपये है और इसके शेयर बाजार के मुख्य संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में भी शामिल हैं।
बैंक के बोर्ड ने चंदा कोचर में पूर्ण भरोसे का इजहार किया है, जबकि बैंक से संबंधित सूत्रों के मुताबिक 2016 में नियामकीय सवालों का संतोषपूर्ण ढंग से जवाब दिया गया था और उस समय वीडियोकॉन को दिए गए ऋण को लेकर हितों के टकराव जैसी कोई बात नहीं पाई गई थी।