सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएलने अपने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया है कि वह उनके मई महीने के वेतन का समय पर भुगतान करेगी। कंपनी ने अपनी कार्यशील पूंजी जरूरतों के लिए एसबीआई से 1,500 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के लिए करार किया है। दूरसंचार विभाग की गारंटी पर उसे कर्ज मिलेगा।
1.68 लाख कर्मचारियों वाले कंपनी को फरवरी में वेतन देने में परेशानी आई थी। सरकार ने पिछले महीने कंपनी को बैंकों से कर्ज दिलाने के लिए गारंटी पत्र जारी किया था। इसके जरिए कंपनी बैंकों से अपनी कार्यशील पूंजी की जरूरतों के लिए 3,500 करोड़ रुपये का कर्ज ले सकती हैं। वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनी को इससे काफी सहूलियत मिलेगी। इसी महीने कंपनी ने कहा था कि 2019-20 की सितंबर तिमाही तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।
बीएसएनएल की कमाई का 55 फीसदी हिस्सा इस मद में जाता है। कंपनी के वेतन बिल में प्रत्येक साल आठ फीसदी की वृद्धि हो रही है। लेकिन कमाई बहुत ज्यादा नहीं हो रही है।
बीएसएनएल का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। वित्त वर्ष 2017 में 4786 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं 2018 में यह बढ़कर आठ हजार करोड़ रुपये हो गया। 2019 में इसके और ज्यादा होने की उम्मीद है।
फरवरी का वेतन केवल दिल्ली में बने मुख्यालय में तैनात कर्मचारियों के अलावा केरल, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा राज्यों में कार्यरत लोगों को मिला है। बीएसएनएल के बोर्ड ने प्रस्ताव दिया था कि वो बैंक से लोन लेकर कर्मचारियों को सैलरी दे दे, लेकिन दूरसंचार मंत्रालय ने इसको मंजूरी नहीं दी है।