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फ्यूचर-RIL सौदा: अमेजन ने सेबी व शेयर बाजारों को लिखा पत्र

Fri, 30 Oct 2020 12:45 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
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अमेजन - फोटो : pixabay
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ई-वाणिज्य कंपनी अमेजन ने बाजार नियामक सेबी और शेयर बाजारों को पत्र लिखकर फ्यूचर समूह और रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के बीच सौदा मामले में सिंगापुर मध्यस्थता अदालत के अंतरिम फैसले को ध्यान में रखने का आग्रह किया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। 

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मध्यस्थता अदालत ने लगाई थी सैदे पर रोक
अंतरिम आदेश में मध्यस्थता अदालत ने फ्यूचर समूह और मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच 24,713 करोड़ रुपये के सौदे की समीक्षा करते हुए उस पर रोक लगा दी है। सूत्रों के अनुसार अमेजन ने अंतरिम आदेश की प्रति भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बाजार (सेबी), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के साथ साझा की है। 

फ्यूचर समूह-आरआईएल सौदा विभिन्न नियामकीय प्राधिकरणों की मंजूरी पर निर्भर है। इसमें सेबी और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि अमेजन ने लिखा है कि अनुबंध बाध्यताओं के महत्व को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है कि सेबी और अन्य प्राधिकरण प्रस्तावित सौदे की समीक्षा करते समय सिंगापुर मध्यस्थता अदालत के अंतरिम आदेश को ध्यान में रखें। उल्लेखनीय है कि रविवार को सिंगापुर स्थित एकल न्यायाधीश के मध्यस्थता मंच ने अमेजन के पक्ष में अंतरिम फैसला सुनाया और फ्यूचर-रिलायंस इंडस्ट्रीज के सौदे पर अंतिम निर्णय तक रोक लगा दी।
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फ्यूचर समूह ने दिया बयान
फ्यूचर समूह ने कहा है कि मध्यस्थ निर्णय की अर्जी दे कर रिलायंस के साथ सौदे को रोका नहीं जा सकता। कंपनी ने बयान में कहा है कि, 'एफआरएल:फ्यूचर रिटेल लिमिटेड को कानून के अनुसार समझाया गया है कि एफआरएल और उसके निदेशक मंडल ने जो कदम उठाया है वह सभी प्रासंगिक समझौतों के अनुसार हैं और पूरी तरह शेयरधारकों के हित में है। इन कदमों को ऐसे किसी करार के आधार पर मध्यस्थता अदालत की कार्रवाई के जरिए रोकवाया नहीं जा सकता जिसमें एफआरएल शामिल है ही नहीं।

बयान में कहा गया है कि एफआरएल के सभी करार उनके तमाम आशय और उद्श्यों के लिए भारतीय कानूनों और भारतीय मध्यस्थता अधिनियम के अंतर्गत आते हैं। कंपनी ने कहा है कि ' इस प्रकरण से न्यायाधिकार क्षेत्र के कई विषय उठ खड़े हुए हैं और ये विषय इस मामले की जड़ तक जाते हैं। ' एफआरएल ने कहा है कि 'इसी के अनुसार इस आदेश को एक उचित मंच पर भारतीय मध्यस्थता कानून के प्रावधानों की कसौटी पर कसा जाएगा।'

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