चीन के सबसे अमीर शख्स और अलीबाबा समूह के मालिक जैक मा के काम करने के घंटों को लेकर के सुर बदल गए हैं। मा ने अब कहा है कि लोग हफ्ते में 12 घंटे और तीन दिन काम करें वो भी पर्याप्त है। इससे पहले मा ने हफ्ते के छह दिन 12 घंटे काम करने का सुझाव दिया था, जिसके बाद उनकी आलोचना होने लगी थी।
जैक मा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से ऐसा किया जा सकता है। शंघाई में आयोजित हो रही विश्व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए मा ने कहा कि इसकी मदद से ऑफिस में काम के घंटों को घटाया जा सकता है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के साथ स्टेज साझा करते हुए मा ने कहा कि बिजली की मदद से टेक्नोलॉजी काफी आगे जा चुकी है। अब लोग शाम के वक्त कराओके या फिर डांसिंग पार्टी में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में उनको अपने लिए काफी समय मिल सकेगा।
मा ने कहा कि प्रत्येक मनुष, देश और सरकारों को अगले 10-20 सालों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने पर काम करना चाहिए। हम एक ऐसी व्यवस्था पर काम करें, जिससे प्रत्येक बच्चे को नौकरी मिले। एक ऐसी नौकरी जिसमें हफ्ते में केवल तीन दिन और 12 घंटे काम कर सकें। अगर हमने शिक्षा व्यवस्था को नहीं बदला, तो फिर ऐसा करना नामुमकिन है।
जैक मा ने अप्रैल में कहा था कि वो अपनी कंपनी में ऐसे लोगों को तरजीह देते हैं जो हफ्ते के छह दिन रोजाना 12 घंटे काम करें। उन्हें ऐसे व्यक्ति नहीं चाहिए जो केवल आठ घंटे काम करें। इस बयान का चीन की सत्ताधारी पार्टी से जुड़े अखबार और सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ था।
जैक मा की कुल नेटवर्थ 2.88 लाख करोड़ रुपये है। 54 साल की उम्र में अपने रिटायरमेंट की घोषणा करने वाले जैक ने कहा कि वह साथी अरबपति बिल गेट्स के कदमों पर चलकर अपने नाम से फाउंडेशन शुरू करना चाहते हैं, जो शिक्षा पर केंद्रित होगा।
उन्होंने कहा कि बिल गेट्स से बहुत कुछ सीखना है। मैं उनकी तरह अमीर तो नहीं बन सकता, पर एक चीज मैं उनसे बेहतर कर सकता हूं। वह यह कि मैं उनसे पहले रिटायर हो सकता हूं। मा ने कहा कि मैं पिछले 10 साल से इसके लिए तैयारी कर रहा हूं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि जैक मा कंपनी छोड़ते हैं तो भी वह पार्टनरशिप स्ट्रक्चर द्वारा नियंत्रित होगी, जो एग्जीक्यूटिव्स के समूह को बोर्ड में सदस्यों का नामांकन करने में सक्षम बनाता है।
चीन के अलावा अलीबाबा के भारत सहित पूरे विश्व में कई जगह कार्यालय हैं। भारत में इस कंपनी को ज्यादातर लोग यूसी ब्राउजर और यूसी न्यूज के नाम से ज्यादा जानते हैं। आजकल हर स्मार्टफोन में यह होता ही है। इसके अलावा भारत में इसकी ई-कॉमर्स वेबसाइट अलीबाबा.कॉम भी मश्हूर है। कंपनी ने पेटीएम, ऑनलाइन ग्रोसेरी कंपनी बिगबास्केट, जोमाटो आदि में भी निवेश किया है।