बंद हो चुकी जेट एयरवेज को फिर से शुरू करने की कवायद अभी भी जारी है। जेट एयरवेज के विदेशी रूट्स की उड़ानों के दूसरी कंपनियों के बीच बंटवारे के लिए फॉर्मूला तय हो गया है। लेकिन कुछ एयरलाइन कंपनियां ऐसी हैं जिन्होंने इसपर एतराज जाहिर किया है।
दरअसल स्पाइसजेट, विस्तारा और गोएयर का कहना है कि जो फॉर्मूला तौयार किया गया है, उससे इंडिगो को सबसे अधिक फायदा होगा। ऐसे में एकाधिकार यानी 'मोनोपॉली' की स्थिति भी बन सकती है क्योंकि इस फॉर्मूला के तहत घरेलू फ्लाइट्स के अनुपात में कंपनियों को विदेशी रूट्स के राइट्स दिए जाएंगे। स्पाइसजेट, विस्तारा और गोएयर का कहना है कि इस फॉर्मूला से इससे इंडिगो को विदेशी रूट्स के सबसे अधिक राइट्स मिलेंगे।
इस संदर्भ में एविएशन सेक्रेटरी प्रदीप सिंह खारोला के साथ मीटिंग भी हुई। मीटिंग के दौरान एक एयरलाइन के प्रमोटर ने इसका विरोध भी किया। प्रमोटर का कहना था कि, 'इससे मार्केट में एकाधिकार की स्थिति बनेगी।'
इसके साथ ही आपको बता दें कि विदेशी उड़ान के लिए तय दिशानिर्देशों के अनुसार, जिस कंपनी की भारत में उड़ानों की संख्या अधिक होगी, उसे सबसे अधिक ऐसे राइट्स मिलेंगे। हालांकि कहा जी रहा है कि जेट एयरवेज के विदेशी राइट्स का बंटवारा दूसरी कंपनियों के बीच अस्थायी तौर पर किया गया है।