देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से हाहाकार मचा है। देश की स्वास्थ्य प्रणाली चरमरा गई। देश भर के अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की भारी किल्लत जारी है। सैकड़ों लोग बिना इलाज के ही दम तोड़ रहे हैं। ऐसे में एयर इंडिया के पायलटों के संगठन इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसियेशन (आईसीपीए) ने 18 वर्ष के अधिक उम्र के फ्लाइंग क्रू को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाने की मांग की है। पायलट्स का कहना है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वे उड़ानों का संचालन बंद करके हड़ताल पर चले जाएंगे।
वेतन बहाल करने की मांग
मालूम हो कि आईसीपीए ने कोविड-19 से पहले मिलने वाले वेतन बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि उसके सदस्य 'घरेलू बाजार में सबसे बुरे और सबसे लंबे समय तक बने हुए वेतन कटौती की सजा' झेल रहे हैं। इस संदर्भ में नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लिखे एक और पत्र में इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसियेशन ने कहा कि मंत्री ने पूर्व में जो आश्वासन दिए थे, वह मुश्किल के इस समय में पायलटों के प्रति एयर इंडिया प्रबंधन के कथित उदासीन रवैये के खिलाफ ढाल की तरह काम किया।
पत्र में लिखा गया कि, 'कोविड-19 महामारी के 12 महीनों से ज्यादा समय के साथ यह हमारे लिए काफी हतोत्साहित करने की बात है कि आपके कार्यालय ने भी हमारी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया।'
वेतन में हुई इतनी कटौती
पिछले साल एयर इंडिया ने महामारी के बीच अपने पायलटों के वेतन में 55 फीसदी तक की कटौती की थी। हालांकि पिछले साल दिसंबर में कुल कटौती में पांच फीसदी की कमी कर दी गई, पायलटों को तब भी कोविड से पहले मिलने वाले वेतन की तुलना में वेतन का 50 फीसदी हिस्सा ही मिल रहा है।
मालूम हो कि पिछले 24 घंटे में 3.57 लाख से ज्यादा नए कोरोना मरीज मिले हैं और 3,449 लोगों की मौत हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।