वित्तीय संकट से जूझ रही एयर इंडिया ने एक नया मुकाम हैसिल किया है। एयर इंडिया यात्रियों से भरे ए-320 विमान की कॉमर्शियल फ्लाइट के लिए टैक्सीबोट का इस्तेमाल करने वाली दुनिया की पहली एयरलाइन कंपनी बन गई है। एयर इंडिया ने यह उपलब्धि कैप्टन अमिताभ सिंह की अगुआई में हासिल की।
क्या है टैक्सीबोट ?
टैक्सीबोट को टैक्सिंग रोबोट भी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल विमान को पार्किंग बे से रनवे तक खींचने के लिए किया जाता है। जब विमान पार्किंग बे से रनवे तक खींचा जाता है, तब विमान के इंजन बंद रहते हैं। इस दैरान विमान ईंधन की भी बचत होती है क्योंकि इस तरह विमान को इंजन ऑन करने लाने की तुलना में 85 फीसदी कम ईंधन का इस्तेमाल होता है। यह सेमी-रोबोटिक टो-बार होता है। इसका इस्तेमाल सिर्फ डिपार्टिंग फ्लाइट के लिए ही होता है।
इस संदर्भ में एयर इंडिया के सीएमडी अश्विनी लोहानी ने कहा कि दिल्ली में एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 से मुंबई के लिए एआई 665 फ्लाइट को रवाना करने के साथ इसकी शुरुआत होगी।
बता दें कि रविवार को धन की कमी से जूझ रही एयर इंडिया ने तेल कंपनियों के बकाये का मामला जल्द सुलझने की उम्मीद जतायी थी। विमानन कंपनी तेल विपणन कंपनियों के साथ मामले को सुलझाने का पूरा प्रयास कर रही है। साथ ही कंपनी उड़ानों को बाधित होने से रोकने के लिए और यात्रियों को परेशानी न देने के लिए भी पूरा प्रयास कर रही है।
तेल कंपनियों ने दी थी अंतिम चेतावनी
पिछले सप्ताह सरकारी तेल कंपनियों ने एयर इंडिया को एक अंतिम चेतावनी जारी करते हुए 18 अक्तूबर तक मासिक एकमुश्त भुगतान करने को कहा था। उन्होंने कहा था कि भुगतान नहीं करने पर वे छह प्रमुख घरेलू हवाई अड्डों पर ईंधन की आपूर्ति बंद कर देंगे।
अगस्त में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कहा था कि एयर इंडिया का बकाया ईंधन बिल 5,000 करोड़ रुपये हो गया था, जिसका लगभग आठ महीने से भुगतान नहीं किया गया था।
22 अगस्त को आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने पूरा भुगतान नहीं होने की वजह से कोच्चि, मोहाली, पुणे, पटना, रांची और विजाग के छह हवाई अड्डों पर एयर इंडिया को ईंधन की आपूर्ति रोक दी थी।