एयर एशिया इंडिया ने कोरोना वायरस महामारी के चलते तीन मई तक सभी उड़ानों के रद्द रहने के कारण अपने कर्मचारियों के अप्रैल के वेतन में 20 फीसदी तक की कटौती की है। एक सूत्र ने यह जानकारी देते हुए कहा कि, हालांकि, जिनका मासिक वेतन 50,000 रुपये या उससे कम है, उनके वेतन में कटौती नहीं होगी। इससे पहले इंडिगो, स्पाइसजेट और विस्तार जैसी दूसरी घरेलू विमानन कंपनियां भी इस तरह की घोषणाएं कर चुकी हैं।
वेतन में होगी इतनी कटौती
मामले में सूत्र ने बताया कि, 'एयर एशिया इंडिया ने अपने कर्मचारियों के अप्रैल वेतन में 20 फीसदी तक की कटौती की है। वरिष्ठ प्रबंधन के वेतन में 20 फीसदी की कटौती होगी, जबकि जबकि अन्य श्रेणियों में आने वाले अधिकारियों के वेतन में 17 फीसदी , 13 फीसदी और सात फीसदी की कटौती होगी।'
उन्होंने बताया कि जिन कर्मचारियों का वेतन 50,000 रुपये प्रति माह या उससे कम है, उनके वेतन में कटौती नहीं होगी। एयर एशिया इंडिया के प्रवक्ता ने संपर्क करने पर इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार किया।
कोरोना पर लगाम के बाद ही हटेगी विमान सेवा से रोक
मालूम हो कि केंद्र सरकार ने यह साफ कर दिया है कि कोरोना पर लगाम लगने से पहले विमान सेवा को दोबारा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मामले में हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा से प्रतिबंध तभी हटाया जाएगा जब सरकार विश्वास में आ जाएगी कि कोरोना को नियंत्रित कर लिया गया है और भारतीय के लिए कोई खतरा नहीं है।
डीजीसीए का एयरलाइंस को निर्देश
इससे पहले नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक सर्कुलर जारी करते हुए सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया था कि वह अभी किसी तरह की घरेलू या अंतरराष्ट्रीय टिकट की बुकिंग न करें। इसमें कहा गया है कि लॉकडाउन समाप्त होने यानी तीन मई के बाद से उड़ानों के संचालन से संबंधित अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। डीजीसीए ने यह फैसला सरकार के दखल देने के बाद लिया।
बता दें कि एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए चार मई और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक जून की तिथि से टिकट बुकिंग की ऑनलाइन सेवा शुरू कर दी थी। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के निर्देश पर उसने भी टिकट बुकिंग रोक दी है। मंत्रालय ने कहा है कि टिकट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए एयरलाइंस अभी सरकार के फैसले का इंतजार करें।