अडाणी ट्रांसमिशन कंपनी अपनी सब्सिडरी कंपनी अडाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई (एईएमएल) की हिस्सेदारी कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (क्यूआईए) को बेचने जा रही है। कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी को अडाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई की 25.1 फीसदी हिस्सेदारी 3,200 करोड़ रुपये में बेची जाएगी।
कतर की सरकारी कंपनी है क्यूआईए
इसकी जानकारी कंपनी ने बुधवार को दी। बता दें कि कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी कतर की सरकारी कंपनी है। यह कंपनी देश-विदेश में निवेश करती है।
इतना है अडाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई का मार्केट शेयर
वहीं अडाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई पावर डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसमिशन और जेनरेशन के कारोबार से जुड़ी कंपनी है, जिसके मुंबई में 30 लाख ग्राहक हैं। लाइसेंस एरिया की बात करें, तो मुंबई में अडाणी इलेक्ट्रिसिटी का शेयर 87 फीसदी है। उपभोक्ताओं के मामले में इसका शेयर 67 फीसदी है और बिजली सप्लाई में यह 55 फीसदी है।
ये है लक्ष्य
अडाणी ट्रांसमिशन और क्यूआईए के करार के तहत यह लक्ष्य रखा गया है कि 2023 तक एईएमएल की सप्लाई में 30 फीसदी बिजली सोलर और विंड पावर प्लांट से उत्पादन वाली हो।
अडाणी ग्रुप के चेयरमैन ने दिया बयान
इस संदर्भ में अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा है कि, 'क्यूआईए के साथ लॉन्ग टर्म पार्टनर्शिप के लिहाज से यह एग्रीमेंट अहम है।' आगे उन्होंने कहा कि वे विश्वसनीय सेवा और उपभोक्ताओं की संतुष्टि का स्तर बढ़ाने की दिशा में काम जारी रखेंगे।
क्यूआईए के सीईओ ने भी दिया बयान
वहीं क्यूआईए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मंसूर अल-महमूद ने इस मामले पर कहा कि यह निवेश भारत के प्रति हमारे भरोसे को दर्शाता है। भारत के साथ हमारे गहरे संबंध हैं।