सरकार ने मंगलवार को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत मोबाइल उत्पादन के 16 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। योजना के तहत देसी-विदेशी कंपनियोें को 11 हजार करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा और पांच साल में 10.5 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल का उत्पादन होगा।
पांच साल में होगा 10.5 लाख करोड़ का मोबाइल उत्पादन
सूचना एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने लावा, माइक्रोमैक्स, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, यूटीएल नियोलिंक्स और ऑप्टिमस जैसी घरेलू कंपनियों के साथ एपल की सहयोगी विनिर्माण कंपनी फॉक्सकॉन हानहाई, विस्ट्रॉन, पेजाट्रॉन, सैमसंग और राइजिंग स्टार जैसी विदेशी कंपनियों के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।
योजना के तहत 2 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां मिलेंगी जबकि अप्रत्यक्ष तौर पर 6 लाख रोजगार पैदा होंगे। योजना के तहत सरकार के पास 23 प्रस्ताव आए थे, जिसमें से 16 को हरी झंडी दी गई है। पीएलआई योजना को अप्रैल, 2020 में सूचीबद्ध किया गया था, जिसमें 4 से 6 फीसदी प्रोत्साहन देने की तैयारी है।