जोमैटो ने अपने सबसे बड़े बाजार भारत में ही ध्यान लगाने का मन बनाया है जहां से वह सबसे ज्यादा लाभ कमाती है। कंपनी ने कारोबार के लिए तीन सेगमेंट तय किए हैं। इनमें भारत, यूएई और बाकी दुनिया को रखा गया है।
ऑनलाइन खाना डिलिवरी की सुविधा देने वाली कंपनी जोमैटो ने अपने लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय कारोबारों को बंद कर दिया है। अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और सिंगापुर के बाद कंपनी ने अब लेबनान में भी यह कदम उठाया है। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात में कंपनी काम करती रहेगी लेकिन फूड डिलिवरी के स्थान पर डाइनिंग आउट का काम करेगी।
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जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने इसे लेकर कहा, ' पिछले साल हमारे बाकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार बंद करने के बाद अब हम लेबनान में भी अपना काम बंद कर रहे हैं जो हमारा एकमात्र अंतरराष्ट्रीय कारोबार बचा था (यूएई में डाइनिंग आउट कारोबार के अलावा)।' बता दें कि जोमैटो ने अपने कारोबार के लिए तीन भौगोलिक सेगमेंट निर्धारित किए हैं।
कंपनी ने तय किए तीन भौगोलिक क्षेत्र
10 नवंबर को जारी जोमैटो के तिमाही वित्तीय स्टेटमेंट के अनुसार कंपनी ने तीन भौगोलिक क्षेत्र तय किए हैं। इनमें भारत, यूएई और बाकी दुनिया को रखा गया है। रेवेन्यू के मामले में भारत जोमैटो का सबसे बड़ा बाजार है। इसके बाद यूएई है। लेबनान में काम बंद करने के साथ जोमैटो फूड प्राइवेट लिमिटेड व जोमैटो आयरलैंड लिमिटेड भी समाप्त हो गई हैं।
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भारत है जोमैटो का सबसे बड़ा बाजार
जोमैटो के वित्तीय स्टेटमेंट के अनुसार कंपनी ने 2020 में जुलाई से सितंबर के बीच भारत में 389.7 करोड़ रुपये, यूएई में 25 करोड़ रुपये और तीसरे सेगमेंट में 11 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया था। साल 2021 में इसी अवधि के दौरान कंपनी ने भारत में 981 करोड़ रुपये, यूएई में 33 करोड़ रुपये और अन्य देशों में 9.7 करोड़ रुपये का कारोबार किया था।