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Ankiti Bose: जिलिंगो की सहसंस्थापक ने निवेशक महेश मूर्ति के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया, जानें पूरा मामला

Wed, 03 May 2023 11:26 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ankiti Bose: बॉम्बे हाईकोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, बोस ने लॉ फर्म सिंघानिया एंड कंपनी एलएलपी के माध्यम से 20 अप्रैल 2023 को एक मुकदमा दायर किया है। इस मामले में एक मीडिया कंपनी आउटलुक बिजनेस को भी प्रतिवादी बनाया गया है। बंबई उच्च न्यायालय में दी गई फाइलिंग के अनुसार, बोस एक 'स्थायी निषेधाज्ञा' पारित करने की मांग रही हैं।
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अंकिति बोस - फोटो : Social Media
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विस्तार
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सिंगापुर स्थित फैशन टेक स्टार्टअप जिलिंगो की सह-संस्थापक अंकिति बोस ने एंजेल निवेशक महेश मूर्ति के खिलाफ उनके नवीनतम संपादकीय के लिए 820 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में बढ़ती धोखाधड़ी के बारे में बात की गई है। मूर्ति शुरुआती चरण की वेंचर कैपिटल फर्म सीडफंड में मैनेजिंग पार्टनर थे, जिसने रेडबस, चुम्बक और कई अन्य कंपनियों में निवेश किया था। 

20 अप्रैल को दायर किया गया था मानहानि का मुकदमा

बॉम्बे हाईकोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, बोस ने लॉ फर्म सिंघानिया एंड कंपनी एलएलपी के माध्यम से 20 अप्रैल 2023 को एक मुकदमा दायर किया है। इस मामले में एक मीडिया कंपनी आउटलुक बिजनेस को भी प्रतिवादी बनाया गया है। बंबई उच्च न्यायालय में दी गई फाइलिंग के अनुसार, बोस एक 'स्थायी निषेधाज्ञा' पारित करने की मांग रही हैं। उनके अनुसार, 'मूर्ति को किसी भी सामग्री (सोशल मीडिया पर या अन्यथा) को प्रकाशित करने से रोका जाना चाहिए जो उनके लिए अपमानजनक है। बता दें कि फैशन ई-कॉमर्स यूनिकॉर्न जिलिंगो की पूर्व सीईओ और सह-संस्थापक अंकिति बोस और जाने-माने निवेशक और उद्यमी महेश मूर्ति के बीच पिछले कुछ समय से सार्वजनिक और सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। 

अंकिति के समर्थकों का आरोप- उन्हें बदनाम करने के लिए हो रहा प्रचार 

इस बीच अंकिति के समर्थकों का कहना है कि मानहानि के मुकदमे की खबर सामने आने के बाद पत्रकारों के बीच एक व्हाट्सएप संदेश प्रसारित किया जा रहा है। इस मैसेज को कथित तौर पर एक पीआर एजेंसी की ओर से बोस को नकारात्मक रूप में चित्रित करने के लिए प्रसारित किया गया है। इस व्हाट्सएप संदेश को 'कई बार फॉरवर्ड' किया गया है इससे यह मामला सुलझेगा नहीं बल्कि और उलझेगा। बोस और मूर्ति ने अब तक इस घटनाक्रम पर टिप्पणी नहीं की है, लेकिन दोनों अतीत में एक-दूसरे की आलोचना में मुखर रहे हैं।

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