यूट्यूब के भारतीय मूल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नील मोहन को टाइम मैगजीन ने 2025 का ‘CEO ऑफ द ईयर’ चुना है। दुनिया के सबसे प्रभावशाली डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में से एक का नेतृत्व करने के लिए मोहन की दूरदर्शिता और प्रभाव को टाइम ने विशेष रूप से सराहा है। टाइम ने अपनी प्रोफाइल में लिखा यूट्यूब आज दुनिया की सांस्कृतिक पसंद तय कर रहा है। नील मोहन इस विशाल खेत के किसान की तरह हैं जो वे उगाते हैं, वही दुनिया उपभोग करती है।
मैगजीन ने यूट्यूब को वैश्विक विचारों और रुझानों का उपजाऊ मैदान बताया, जहां हर कोई अपना कंटेंट बोता है, चाहे वह ज्ञानवर्धक हो या विवादित। रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे यूट्यूब का प्रभाव दुनिया भर में बढ़ रहा है, उसकी दिशा और नीतियों को तय करने में मोहन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
दुनिया की सबसे ताकतवर डिस्ट्रैक्शन मशीन के शांत-पायलट
टाइम ने मजाकिया अंदाज में लिखा दुनिया की सबसे ताकतवर डिस्ट्रैक्शन मशीन के पायलट नील मोहन आश्चर्यजनक रूप से शांत स्वभाव के हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वह खेल देखना, अपनी बेटियों के डांस रेसाइटल में शामिल होना और साधारण लाइफस्टाइल पसंद करते हैं। टाइम ने कहा कि अगर उन्हें किसी वीडियो में आने के लिए कहा जाए, तो वह शायद मना नहीं करेंगे, न बहुत अच्छे, न बहुत खराब।
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मोहन का फोकस: ‘यूट्यूब को भविष्य के लिए तैयार रखना’
नील मोहन मीडिया इंडस्ट्री में तेजी से हो रहे बदलावों को लेकर हमेशा सजग रहते हैं। उनके शब्दों में मीडिया इंडस्ट्री हमारे सामने बदल रही है। यह अत्यधिक विघटनकारी समय है, और अगर आप बदलाव के साथ नहीं चलते, तो पीछे रह जाते हैं। यूट्यूब की नीतियों पर उन्होंने कहा कंटेंट मॉडरेशन का मेरा मूल सिद्धांत है हर किसी को अपनी आवाज देने का अवसर।’
लखनऊ में बीता बचपन
नील मोहन का जन्म इंडियाना (अमेरिका) के लाफायेट में हुआ, लेकिन 1985 में 12 साल की उम्र में वह परिवार के साथ लखनऊ आ गए। उन्होंने संस्कृत पढ़ने के अनुभव को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग जैसा नियम-आधारित बताया। मोहन ने 2023 में सुसान वोजिस्की के बाद यूट्यूब के CEO का पद संभाला। टाइम के अनुसार, उनकी सबसे अहम मूल्य-धारणा है लोगों को सुना जाने में मदद करना।