इसका असर आम-आदमी के रोजमर्रा के जीवन पर देखने को मिलेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे से मालभाड़ा बढ़ जाएगा, जिससे लोगों को दालें, सब्जियां महंगे दाम पर खरीदनी पड़ेंगी।
आने वाले दिनों में रुपया डॉलर के मुकाबले और कमजोर हो सकता है। रुपये में कमजोरी से देश की अर्थव्यवस्था में और सुस्ती आ सकती है। शुक्रवार को वैश्विक तनाव के चलते डॉलर की तुलना में रुपया 42 पैसे कमजोर होकर 71.80 के स्तर पर पहुंच गया, जो लगभग डेढ़ महीने का निचला स्तर है।
कड़ाके की सर्दी में भी हरी सब्जियों के दाम रसोई के बजट पर भारी पड़ रहे हैं। हालांकि प्याज की कीमतों मे कमी आ रही है। अहमद नगर, नासिक, इंदौर व राजस्थान से प्याज की आवक बढ़ने के कारण प्याज के दाम मंडी में 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में इसकी कीमत गिरकर 35 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। एक महीने पहले वहां इसकी कीमत 86 रुपये प्रति किलो थी। दिल्ली की आजादपुर मंडी में भी इसकी कीमत कम होकर 57 रुपये प्रति किलो तक आ गई है। कारोबारियों का कहना है कि अगले सप्ताह यह 50 रुपये से नीचे आ जाएगी।
अधिकारी का कहना है कि खरीफ सीजन में बोयी गई प्याज की फसल अब तेजी से तैयार होने लगी है। इसलिए आने वाले दिनों में इसकी उपलब्धता तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, अभी करीब 50,000 टन प्याज के आयात का ऑर्डर या तो दे दिया गया है या फिर उसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विदेशी प्याज तेजी से भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने भी लगा है।
दिसंबर के आखिरी सप्ताह में दालें महंगी होने का सिलसिला जारी रहा तो खाद्य तेलों के दाम भी उछले। पाम ऑयल, सरसों का तेल, सोयाबीन रिफाइंड, केनोला, राइस ब्रान ऑयल के दामों में इजाफा हुआ है। दिवाली के बाद से इनमें तेजी आ रही है, जो अभी तक जारी है।
सोयाबीन रिफाइंड के दाम 78 से 80 रुपये लिटर की जगह अब 98 से 105 रुपये के बीच पहुंच गए हैं। यही हाल सरसों तेल का है। सरसों तेल 102 रुपये लीटर पर है। दाल विक्रेता कृष्ण गोपाल ने बताया कि अरहर के साथ उड़द, मूंग और मसूर दाल के दामों में तेजी आई है। सप्ताह भर में दालों के दाम पांच से आठ रुपये किलो तक बढ़े हैं।