महंगाई ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
खाने-पीने की वस्तुएं, ईंधन और विनिर्मित उत्पादों के दाम घटने से थोक महंगाई दर मई, 2023 में घटकर शून्य से 3.48% नीचे आ गई। यह इसका नवंबर, 2015 के बाद साढ़े सात साल का निचला स्तर है। उस समय थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई शून्य से 3.7% नीचे रही थी। इससे पहले खुदरा महंगाई दर में भी गिरावट दर्ज की गई थी।
बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, थोक महंगाई अप्रैल, 2023 में -0.92 फीसदी रही थी। मंत्रालय ने कहा, पिछले माह मुद्रास्फीति की दर में गिरावट मुख्य रूप से खनिज तेलों, बुनियादी धातुओं, खाद्य उत्पादों, वस्त्र, गैर-खाद्य वस्तुओं, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और रसायन और रासायनिक उत्पादों की कीमतों में नरमी के कारण आई है।
खाद्य महंगाई 1.51 फीसदी
पिछले महीने खाद्य पदार्थों की महंगाई दर घटकर 1.51 फीसदी रह गई। अप्रैल, 2023 में यह 3.54 फीसदी रही थी। जून 2020 में थोक महंगाई दर -1.81% दर्ज की गई थी।