सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्रालय की ओर से गुरुवार को बताया गया कि विश्व बैंक की ओर से 500 मिलियन डॉलर (करीब 3 हजार 750 करोड़ रुपये) के ऋण को मंजूरी दी गई है। इसे पैसे का उपयोग एमएसएमई क्षेत्र के पुनर्जीवित करने के लिए किया जाएगा। मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी में बताया गया कि दरअसल, विश्व बैंक ने भारत सरकार के राइजिंग एंड एस्केलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (आरएएमपी) कार्यक्रम के लिए यह ऋण मंजूर किया है। इससे इस क्षेत्र को कोरोना काल में हुई क्षति से उबारने में मदद मिलेगी।