आगामी बजट से निर्यात के लिए उनकी अपेक्षाओं के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा निर्यातक समुदाय के लिए बहुत सहायक रहे हैं। मुझे यकीन है कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हमारे निर्यात को समर्थन देने के लिए हमेशा सक्रिय रहेंगे।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वस्तुओं, सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार देश के माल एवं सेवाओं के निर्यात में और तेजी लाने के लिए निर्यात रणनीति पर काम कर रही है। मंत्रालय निर्यातकों की चिंताओं को दूर करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। इसके अलावा भारत के प्रतिस्पर्धी लाभ और ताकत के क्षेत्रों की पहचान भी की जा रही है। सरकार 2030 तक निर्यात को दो लाख करोड़ डॉलर तक ले जाने के लिए लक्षित तरीके से काम कर रही है।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद वस्तुओं और सेवाओं, दोनों का निर्यात अच्छा चल रहा है। हम एक निर्यात रणनीति पर काम कर रहे हैं, ताकि यह देखा जा सके कि हम वस्तुओं और सेवाओं दोनों के निर्यात में किस प्रकार तेजी ला सकते हैं। 2024-25 में निर्यात 800 अरब डॉलर को पार कर जाने की उम्मीद है। पिछले वित्त वर्ष में यह 778 अरब डॉलर था।
आगामी बजट पर भी बात की
आगामी बजट से निर्यात के लिए उनकी अपेक्षाओं के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा निर्यातक समुदाय के लिए बहुत सहायक रहे हैं। मुझे यकीन है कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हमारे निर्यात को समर्थन देने के लिए हमेशा सक्रिय रहेंगे।
विज्ञापन
निर्यात ऋण में गिरावट और उच्च ब्याज दरों पर भी बोले
निर्यात ऋण में गिरावट और उच्च ब्याज दरों के संबंध में निर्यातकों की चिंताओं पर गोयल ने कहा कि मंत्रालय इन मुद्दों पर समग्र रूप से विचार कर रहा है और संबंधित हितधारकों के साथ बातचीत कर रहा है।
बैंकिंग प्रणाली और ईसीजीसी के साथ लगातार काम कर रहे
उन्होंने कहा कि हम निर्यातकों की इन चिंताओं का समाधान खोजने के लिए बैंकिंग प्रणाली और ईसीजीसी (निर्यात ऋण गारंटी निगम) के साथ लगातार काम कर रहे हैं। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के अनुसार, मार्च 2022 (2,27,452 करोड़ रुपये) और मार्च 2024 (2,17,406 करोड़ रुपये) के बीच निर्यात ऋण में पांच प्रतिशत की गिरावट आई है।