सवाल अभी भी यही उठता है कि क्या आप इस सीमा से अधिक आभूषण नहीं रख सकते? नियमों के मुताबिक सीमा से अधिक आभूषण रखने पर आयकर विभाग आपसे इनके स्रोत पूछ सकता है। अगर आप इस बारे में पूरा ब्योरा मुहैया करा देते हैं तो छापे की कार्रवाई के दौरान यह आभूषण जब्त नहीं किए जाने चाहिए।
महिलाओं की सबसे पसंदीदा चीज की बात की जाए तो इसमें बेशक पहला नाम सोने के आभूषणों का आएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इसकी कोई तय सीमा है? क्या किसी सीमा से अधिक आभूषण रखने पर आपके खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई हो सकती है? तो बता दें कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक परिपत्र में इसकी सीमा तय की है।
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नियमों के मुताबिक, एक विवाहित महिला 500 ग्राम सोने के गहने रख सकती है। अविवाहित महिला के लिए यह सीमा 250 ग्राम है। वहीं पुरुषों के मामले में स्थिति थोड़ी साफ है। वह चाहे विवाहित हो अथवा अविवाहित, परिवार में प्रत्येक सदस्य के लिए यह सीमा 100 ग्राम तय की गई है। यानी कि यदि आयकर विभाग छापा मारता है तो इस मात्रा तक के स्वर्ण आभूषणों को जब्त नहीं किया जा सकता।
टैक्स एवं इंवेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन कहते हैं कि सीबीडीटी के परिपत्र से यह स्पष्ट हो गया कि निर्धारित सीमा तक के सोने की जब्ती नहीं होगी, भले ही परिवार की आय कुछ भी हो. आयकर छापे की स्थिति में तय सीमा तक की मात्रा के आभूषणों को अलग कर दिया जाएगा. वह शेष आभूषणों को ही आयकर विभाग अपने साथ ले जा सकता है।
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सवाल अभी भी यही उठता है कि क्या आप इस सीमा से अधिक आभूषण नहीं रख सकते? नियमों के मुताबिक सीमा से अधिक आभूषण रखने पर आयकर विभाग आपसे इनके स्रोत पूछ सकता है। अगर आप इस बारे में पूरा ब्योरा मुहैया करा देते हैं तो छापे की कार्रवाई के दौरान यह आभूषण जब्त नहीं किए जाने चाहिए।
हालांकि, ऐसा नहीं है कि निर्धारित सीमा तक आभूषण रखने पर आपसे कोई पूछताछ नहीं होगी। नियमों के मुताबिक छापे के दौरान सीमा के भीतर पाए गए आभूषणों को खरीदने के लिए जुटाई गई रकम के स्रोत का ब्योरा देना पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि जब भी आभूषण खरीदें, उसकी पक्की रसीद अपने पास सुरक्षित रखें। इसके अलावा नए आभूषणों के मेकिंग चार्ज के भुगतान की रसीदों को भी सुरक्षित रखना आपके हित में रहेगा।