Women's Day Special: अगर आप बड़ी मात्रा में सोना नहीं खरीद पा रहे हैं तो गोल्ड फंड में SIP का विकल्प चुन सकते हैं। गोल्ड फंड SIP आपको नियमित अंतराल पर छोटी राशि में गोल्ड फंड में निवेश करने की अनुमति देता है। सोने में निवेश पर भरोसा करने वाली आधी आबादी को निवेश से जुड़ी कौन सी रणनीति अपनानी चाहिए, आइए जानते हैं।
भारत में महिलाओं के लिए सोना क्या मायने रखता है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि देश में जितना सोना मौजूद है, उसमें से करीब 11 फीसद महिलाओं के पास है। करीब 52 फीसदी महिलाएं सोने को अपना पसंदीदा निवेश विकल्प मानती हैं क्योंकि यह एक सुरक्षित और भरोसेमंद संपत्ति है। पारंपरिक रूप से महिलाएं गहनों के रूप में सोने में निवेश करती रही हैं. लेकिन मौजूदा निवेश के रुझान देखें तो डिजिटल गोल्ड, ईटीएफ सहित कई निवेश विकल्पों में अब महिलाओं की रुचि तेजी से बढ़ रही है।
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एसआईपी से खरीदा जा रहा सोना
अगर आप बड़ी मात्रा में सोना नहीं खरीद पा रहे हैं तो गोल्ड फंड में SIP का विकल्प चुन सकते हैं। गोल्ड फंड SIP आपको नियमित अंतराल पर छोटी राशि में गोल्ड फंड में निवेश करने की अनुमति देता है। ये SIP साप्ताहिक, मासिक या तिमाही कुछ भी हो सकती है। अगर आपकी गोल्ड फंड SIP मासिक है तो आपका गोल्ड फंड इन्वेस्टमेंट मासिक किस्त की तिथि के अनुसार होगा।
गोल्ड फंड की खासियत
किसी अन्य म्यूचुअल फंड SIP की तरह, गोल्ड फंड के लिए डीमैट अकाउंट खोलने की आवश्यकता नहीं होती है। आप अपने पोर्टफोलियो में कितना गोल्ड चाहते हैं, इसके संबंध में अपने लक्ष्यों के आधार पर निवेश की अवधि भी चुन सकते हैं। इन्वेस्टर गोल्ड फंड में यूनिट खरीद सकते हैं और रिडीम कर सकते हैं।
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फिजिकल से ज्यादा डिजिटल गोल्ड बेहतर
डिजिटल रूप से सोना खरीदना भौतिक रूप से सोना खरीदने का एक विकल्प है। कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन सोना खरीद सकता है, और उसके बराबर की राशि को बीमाकृत तिजोरी में भौतिक सोने के रूप में रख सकता है। डिजिटल सोना खरीदने की सबसे बड़ी खूबी है कि आप 100 रुपए का भी सोना ऑनलाइन खरीद सकते है जबकि दुकान पर जाकर आप अपनी जेब के हिसाब से सोना नहीं खरीद सकते।
डिजिटल गोल्ड खरीद रही महिलाएं
डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक पहले की तुलना में महिलाएं अब ज्यादा डिजिटल सोना खरीद रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म्स के कुल यूजर्स में महिलाओं की भागीदारी करीब 35 से 40 फीसद है। ये बढ़ती भागीदारी इस बात की ओर इशारा करती है कि महिलाएं भी अब मॉडर्न इनवेस्टमेंट मेथड को तेजी से अपना रही हैं।