एमएसएमई मंत्रालय संगठित क्षेत्र के विस्तार, सलाह, क्षमता निर्माण और ई-कॉमर्स एकीकरण को बढ़ाने वाली पहल के माध्यम से महिला उद्यमियों के साथ होने वाले भेदभाव और बाजारों तक सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग और इंडिया एसएमई फोरम ने पूरे देश में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए एक संयुक्त पहल ‘ए मिलियन वुमेन अराइज’ की शुरुआत करने की घोषणा की है। सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय में निदेशक अंकिता पांडेय ने इस पहल की शुरुआत करते हुए कहा कि महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों की हिस्सेदारी भारत के छह करोड़ पंजीकृत एमएसएमई में 35 प्रतिशत है। इसके बावजूद महिलाओं को स्त्री-पुरुष भेद से जुड़े पूर्वाग्रहों और बाजारों तक सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
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भेदभाव को किया जाएगा कम
एमएसएमई मंत्रालय संगठित क्षेत्र के विस्तार, सलाह, क्षमता निर्माण और ई-कॉमर्स एकीकरण को बढ़ाने वाली पहल के माध्यम से महिला उद्यमियों के साथ होने वाले भेदभाव और बाजारों तक सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बनेगी एक सुसंगत सिस्टम
नीति आयोग की प्रमुख आर्थिक सलाहकार और महिला उद्यमिता मंच (डब्ल्यूईपी) की मिशन निदेशक अन्ना रॉय ने कहा कि यह मंच एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी है, जो महिला उद्यमियों को समर्थन देने के लिए एमएसएमई सहित प्रमुख मंत्रालयों को एक साथ लाता है। मौजूदा कार्यक्रमों को एकीकृत करके हमारा लक्ष्य वित्त, बाजार, अनुपालन मदद, कौशल, सलाह और नेटवर्किंग तक पहुंच के जरिये एक सुसंगत समर्थन प्रणाली बनाना है।
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ज्ञान और मदद का मिलेगा समर्थन
इंडिया एसएमई फोरम के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि नीति आयोग के साथ इस सहयोग से हमारा लक्ष्य लाखों महत्वाकांक्षी महिला उद्यमियों तक डब्ल्यूईपी की पहल को विस्तारित करना, उन्हें सफल व्यवसाय बनाने के लिए जरूरी ज्ञान और मदद देना है।
महिला सदस्यों को हवाई सफर में मिलेगी सहूलीयत
इंडिया एसएमई फोरम ने एमएसएमई को बेहतर यात्रा समाधान प्रदान करने, उनकी वृद्धि और गतिशीलता को मजबूती देने के लिए इंडिगो के साथ रणनीतिक साझेदारी वाले एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी मंच के सदस्यों को उनके कारोबार विस्तार में सहायता के लिए विशेष यात्रा लाभ, अनुकूलित भत्ते और निर्बाध संपर्क मुहैया कराएगी।