नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने मंगलवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय मुौद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) के तहत वित्त वर्ष 2021-22 में 88,000 करोड़ रुपये जुटाने के अपने लक्ष्य को पार कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत बीते वित्त वर्ष के दौरान एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाया।
अमिताभ कांत ने पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (पीएएफआई) के कार्यक्रम में कहा कि भारत को उच्च वृद्धि दर हासिल करने के लिए विनिर्माण और सेवाओं समेत सभी अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि भारत सबसे बड़ा संपत्ति मौद्रीकरण कार्यक्रम चला रहा है। हमने पूर्व अनुमान से 12,000 करोड़ रुपये अधिक जुटाने में सफलता पाई है। यहां बता दें कि देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते साल अगस्त में राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन कार्यक्रम की घोषणा घोषणा करते हुए कहा था कि सरकार अगले चार साल में सरकारी संपत्तियों को बाजार में चढ़ाकर छह लाख करोड़ रुपये जुटाएगी।