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Moonlighting: विप्रो चेयरमैन ने ‘मूनलाइटिंग’ पर फिर साधा निशाना, पहले हुई थी आलोचना, जानिए अब क्या कहा?

Wed, 21 Sep 2022 08:08 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Moonlighting: उन्होंने कहा कि अगर मूनलाइटिंग की परिभाषा की बात करें तो यह एक दूसरी तरह की जॉब है। हम पारदर्शिता की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विप्रो के 300 कर्मचारी सीधे अपने प्रतिस्पर्धियों के लिए काम कर रहे थे जो कि कंपनी की गोपनीयता का सीधा उल्लंघन है।
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मूनलाइटिंग (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विप्रो के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने मूनलाइटिंग के मसले पर एक बार फिर मूनलाइटिंग पॉलिसी पर निशाना साधा है। बता दें कि कुछ समय पहले ही इस मुद्दे पर उनकी टिप्पणी के कारण उन्हें जबरदस्त आलोचना का सामना करना पड़ा था। रिशद प्रेमजी ने पूर्व में कहा था कि मूनलाइटिंग एक गलत प्रैक्टिस है और यह धोखा देने जैसा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बार ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन के कए कार्यक्रम में उन्होंने कहा है कि इस मुद्दे पर उनकी ट्वीट के बाद उन्हें बहुत नफरत का सामना करना पड़ा था लेकिन उन्होंने ईमानदारी से यह बात कही थी। 

उन्होंने कहा कि अगर मूनलाइटिंग की परिभाषा की बात करें तो यह एक दूसरी तरह की जॉब है। हम पारदर्शिता की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विप्रो के 300 कर्मचारी सीधे अपने प्रतिस्पर्धियों के लिए काम कर रहे थे जो कि कंपनी की गोपनीयता का सीधा उल्लंघन है। इसके साथ ही उन्होंने यह साफ किया कि ऐसे कर्मचारियों के लिए कंपनी में कोई जगह नहीं है जो प्रतिद्वंदियों के लिए काम करते हैं। उनसे काम लेने वाली कंपनियों को भी यह सोचना चाहिए कि एक दिन उन्हें भी ऐसे ही हालात का सामना करना पड़ सकता है।  

मूनलाइटिंग पर आईटी क्षेत्र के दिग्गज रखते हैं अलग-अलग राय 

रिशद प्रेमजी ने कहा है कि मूनलाइटिंग पर मैने जो कहा है पर उसपर मैं कायम रहूंगा। दरअसल इस मुद्दे पर रिशद प्रेमजी के अपने विचार जाहिर करने के बाद आईटी क्षेत्र के दिग्गज कारोबारियों की अलग-अलग राय देखने को मिली थी। टीसीएस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर एनजी सुब्रमण्यम ने इसे एक नैतिक मुद्रा बताया था। वहीं टेक महिंद्रा के सीईओ सीपी गुरुनानी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें ऐसी किसी व्यवस्था में कोई परेशानी नजर नहीं आती है। अगर कोई अपना काम खत्म करने के बाद एक्स्ट्रा वर्क करके कुछ पैसे कमाना चाहता है तो उसे इसकी इजाजत मिलनी चाहिए इसे धोखा नहीं कहा जा सकता है। 

मूनलाइटिंग पर इंफोसिस ने भी कर्मचारियों को चेताया था

आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस ने  मूनलाइटिंग को गलत बताया था और अपने कर्मचारियों को कहा था कि वे इससे दूर रहें। वे अगर ऐसा करते पाए गए तो उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। कंपनी के सहसंस्थापक क्रिष गोपालकृषण ने कहा था कि यदि कर्मचारी अपने ऊपर विश्वास कायम करना चाहते हैं तो उन्हें पूरी निष्ठा के साथ संगठन के लिए काम करना चाहिए।

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