प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के तहत किए गए ऑफर्स 10,000 से भी कम उम्मीदवारों ने स्वीकार किया है। यह जानकारी कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों में सामने आई है।
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82 हजार इंटर्नशिप ऑफर में से केवल 8.7 हजार उम्मीदवारों ने ऑफर स्वीकार किए
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पहले चरण में देशभर में पार्टनर कंपनियों ने पीएमआईएस पोर्टल पर 1.27 लाख से अधिक इंटर्नशिप के अवसर प्रकाशित किए। इसके मुकाबले लगभग 1.81 लाख उम्मीदवारों से 6.21 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए।
पार्टनर कंपनियों ने 60,000 से अधिक उम्मीदवारों को 82,000 से ज्यादा इंटर्नशिप ऑफर किए। इनमें से 28,000 से ज्यादा उम्मीदवारों ने ऑफर स्वीकार किए। जानकर हैरानी होगी कि 8,700 से अधिक उम्मीदवारों ने ही अपनी इंटर्नशिप ज्वाइन की।
71 हजार इंटर्नशिप में से 22.5 हजार ऑफर्स ही स्वीकार किए गए
वहीं पायलट प्रोजेक्ट के दूसरे चरण की शुरुआत 9 जनवरी, 2025 को हुई थी। इस चरण में लगभग 327 पार्टनर कंपनियों ने देश के 735 जिलों में 1.18 लाख से अधिक इंटर्नशिप के अवसर (नए और पहले चरण के अपूर्ण अवसरों को मिलाकर) पीएमआईएस पोर्टल पर पोस्ट किए हैं।
इस चरण में 2.14 लाख से अधिक आवेदकों से 4.55 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए। 17 जुलाई, 2025 तक पार्टनर कंपनियों ने युवाओं को 71,000 से अधिक इंटर्नशिप ऑफर दिए, जिनमें से 22,500 से अधिक ऑफर्स को स्वीकार किया गया है। फिलहाल, ऑफर्स जारी करने और उम्मीदवारों द्वारा उन्हें स्वीकार करने की प्रक्रिया जारी है।
पीएमआईएस पायलट प्रोजेक्ट में केवल 9,453 युवा शामिल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सवाल के जवाब में, कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने लोकसभा को बताया कि वर्तमान में 9,453 युवा पीएमआईएस पायलट परियोजना के तहत इंटर्नशिप कर रहे हैं। कुल इंटर्नशिप में से एक-चौथाई से ज्यादा इंटर्न असम (1,408) और उत्तर प्रदेश (1,067) में के हैं। हालांकि वित्त मंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ें से पता चलता है कि इस योजना में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या बेहद कम है।
क्यों युवाओं को नहीं लुभा पा रही PMIY की सहायता राशि?
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कई उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करके रोजगार के लिए तैयार करना है। इंटर्नशिप की 12 महीने की पूरी अवधि के लिए इंटर्न्स को हर महीने 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें 4,500 रुपये सरकार की ओर से और 500 रुपये इंटर्नशिप कराने वाली कंपनी की ओर से दिए जाते हैं। इसके अलावा, प्रत्येक इंटर्न को सरकार की ओर से एकमुश्त 6,000 रुपये की ग्रांट और बीमा सुविधा भी प्रदान की जाती है।
इसे योजना के तहत 21 से 24 वर्ष की आयु के वे युवा आवेदन के पात्र हैं, जिन्होंने स्कूली शिक्षा पूरी कर ली है या डिप्लोमा और डिग्री प्राप्त कर ली है और पूर्णकालिक नौकरी या शिक्षा में नहीं हैं। सरकार के अनुसार इस योजना के तहत, युवाओं को तेल एवं गैस, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, यात्रा, आतिथ्य, ऑटोमोटिव, विनिर्माण और FMCG सहित 24 प्रमुख उद्योगों की शीर्ष 500 कंपनियों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जा रहा है।
परियोजना का बजट 10,800 करोड़ से अधिक
2024-25 के बजट में इस योजना के लिए ₹ 2,000 करोड़ आवंटित किए गए थे। संशोधित अनुमान में इसे घटाकर ₹ 380 करोड़ कर दिया गया और वास्तविक व्यय ₹ 50 करोड़ रह गया। 2025-26 के बजट में आवंटन बढ़ाकर ₹ 10,800 करोड़ से अधिक कर दिया गया।
अब तक कितने युवाओं ने किया पंजीकरण ?
पीएमआईएस पायलट परियोजना के अंतर्गत अपनी प्रोफाइल और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने वाले उम्मीदवारों की कुल संख्या प्रथम चरण में 3.38 लाख से अधिक थी। वहीं दूसरे चरण में 3.46 लाख से अधिक है। इस योजना का पहला चरण 3 अक्टूबर, 2024 को शुरू हुआ था।