देश में थोक महंगाई दर फरवरी 2026 में बढ़कर 2.13 प्रतिशत हो गई है। यह लगातार चौथा महीना है जब थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई में इजाफा दर्ज किया गया है। इससे पहले जनवरी में यह दर 1.81 प्रतिशत थी, जबकि फरवरी 2025 में यह 2.45 प्रतिशत रही थी। सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण रही।
उद्योग मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि फरवरी 2026 में महंगाई की सकारात्मक दर मुख्य रूप से अन्य विनिर्माण, बेसिक मेटल, गैर-खाद्य वस्तुओं, खाद्य वस्तुओं और वस्त्रों की कीमतों में वृद्धि की वजह से रही। यानी थोक बाजार में कई जरूरी श्रेणियों में कीमतों का दबाव बना रहा, जिससे महंगाई दर ऊपर गई।
आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य वस्तुओं में महंगाई जनवरी के 1.55 प्रतिशत से बढ़कर फरवरी में 2.19 प्रतिशत हो गई। हालांकि सब्जियों की महंगाई में कुछ राहत देखने को मिली। फरवरी में सब्जियों की महंगाई 4.73 प्रतिशत रही, जो जनवरी में 6.78 प्रतिशत थी। इसके बावजूद दाल, आलू और अंडा, मांस व मछली जैसी वस्तुओं की कीमतों में पिछले महीने के मुकाबले अधिक तेजी दर्ज की गई।
इस बीच, खुदरा महंगाई भी फरवरी में बढ़कर 3.2 प्रतिशत हो गई, जो जनवरी में 2.75 प्रतिशत थी। खुदरा महंगाई के ये आंकड़े पिछले सप्ताह जारी किए गए थे। भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दरों पर फैसला लेते समय मुख्य रूप से खुदरा महंगाई को आधार मानता है। चालू वित्त वर्ष में महंगाई के अपेक्षाकृत निचले स्तर पर बने रहने के बीच RBI अब तक 1.25 प्रतिशत अंक की कटौती कर चुका है।