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Karnataka: कर्नाटक के पांच सबसे अमीर जिले के वोटरों ने किस राजनीतिक दल पर जताया भरोसा, जानें सीटवार स्थिति

Sat, 13 May 2023 08:08 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Karnataka Assembly Polls Results 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणाम आ गए हैं। इस बार के चुनावी दंगल में कांग्रेस भाजपा को पटखनी देने में सफल हो गई है और पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। हालांकि राज्य के आर्थिक रूप से समृद्ध शीर्ष पांच जिलों में भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इन जिलों की 28 विधानसभा सीटों में अधिकांश पर भाजपा के प्रत्याशी सफल रहे हैं।
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणाम 2023 - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणाम आ गए हैं। इस बार के चुनावी दंगल में कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी को पटखनी देने में सफल रही है और पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। हालांकि राज्य के आर्थिक रूप से समृद्ध शीर्ष पांच जिलों में भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इन जिलों की 28 विधानसभा सीटों में अधिकांश पर भाजपा के प्रत्याशी सफल रहे हैं। कर्नाटक देश के सबसे अमीर राज्यों में एक है। देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में यह राज्य अग्रणी है। आइए जानते हैं कर्नाटक के पांच सबसे अमीर जिलों में मतदाताओं ने इस बार के विधानसभा चुनाव में किस पार्टी पर भरोसा जताया है।

अमीरी के मामले में कर्नाटक के इन जिलों का है दबदबा

कर्नाटक में कुल 36 जिले हैं। वित्त वर्ष 23 के लिए कर्नाटक के आर्थिक सर्वेक्षण से उपलब्ध आंकड़ों से पता चला है कि, राज्य स्तर पर कुछ जिलों में राज्य की प्रति व्यक्ति आय का बहुत अधिक हिस्सा है, जबकि अन्य आर्थिक विकास में बहुत पीछे हैं। बेंगलुरु शहरी, दक्षिण कन्नड़, उडुपी, चिकमंगलुरु और बेंगलुरु ग्रामीण सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले कर्नाटक के शीर्ष पांच जिलों में से हैं। बेंगलुरु शहरी जिला प्रति व्यक्ति आय 6,21,131 रुपये के साथ पहले स्थान पर है, जबकि कलबुर्गी 1,24,998 रुपये के साथ अंतिम स्थान पर है। शीर्ष और निचले जिलों के बीच आय का अंतर लगभग 5 लाख रुपये है।

कर्नाटक के पांच सबसे अमीर जिलों की विधानसभा सीटों पर कौन आगे

सूबे में कांग्रेस की बड़ी जीत के बावजूद अमीर पांच जिलों के 28 विधानसभा सीटों में ज्यादातर पर भाजपा के उम्मीदवार सफल रहे हैं। इन 28 सीटों में से 16 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत  दर्ज की है। जबकि 12 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी हुए हैं। चिकमंगलुर सीट से भाजपा के कर्नाटक भाजपा दिग्गज नेता सीटी रवि कांग्रेस के एचडी थमैया से चुनाव हार गए हैं।

1. बेंगलुरु अर्बन

           सीट                     जीते
  • येलाहंका               एसआर विश्वनाथ, भाजपा
  • बयातरायनपूरा       कृष्णा बायरेगौडा, कांग्रेस    
  • दसराहल्ली            एस मुरिराजू, भाजपा
  • महादेवपुरा            मंजूला एस, भाजपा
  • बेंगलुरु दक्षिण        एम कृष्णप्पा, भाजपा
  • अनेकल                बी शिवन्ना, कांग्रेस

2. दक्षिण कन्नड़

  • बेलथनगाडी            हरीष पूंजा, भाजपा
  • मूदाबिदरी              उमानाथ कोटियन, भाजपा  
  • मेंगलोर शहर उत्तर  भरथ शेट्टी वाई, भाजपा
  • मेंगलोर शहर दक्षिण डी वेदब्यास कामथ, भाजपा
  • मेंगलोर                  यूटी खादेर फरीद, कांग्रेस
  • बंटवाल                  राजेश नायक यू, भाजपा
  • पुट्टूर                    अशोक कुमार राय, कांग्रेस
  • सुल्लिया                  भागीरथी मुरुल्लिया, भाजपा

3. उडुपी

  • बैंदूर                       गुरुराज शे्ट्टी गेंथिहोले, भाजपा
  • कुंडापुर                   ए किरण कुमार कोदगी, भाजपा
  • उडुपी                      यशपाल ए सुवर्णा, भाजपा
  • कापू                        गुरुमे सुरेश शेट्टी, भाजपा                         
  • करकल                   वी सुनील कुमार, भाजपा

4. चिकमंगलुरु

  • शृंगेरी                       टीडी राजेगौड़ा, कांग्रेस
  • मुदिगेरी                    नयना मोटामा, कांग्रेस 
  • चिकमंगलुर               एचडी थमैया, कांग्रेस               
  • तारीकेरे                    जीएस श्रीनिवास, कांग्रेस
  • कादुर                       आनंद केएस, कांग्रेस

5. बेंगलुरु ग्रामीण 

  • होसाकोटे                   शरथ कुमार बाचेगौड़ा, कांग्रेस
  • देवनाहल्ली                 केएच मुनियप्पा, कांग्रेस 
  • डोडाबल्लापुर              धीरज मुनिराज, भाजपा
  • नीलामंगला                 श्रीनिवासैय्या एन, कांग्रेस

कर्नाटक देश के अमीर राज्यों में एक, देश की जीडीपी में 8.2 प्रतिशत का योगदान

कर्नाटक भारत के सबसे अमीर राज्यों में से एक है। यह देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद में 8.2% का योगदान देता है। दक्षिण भारतीय राज्य की प्रति व्यक्ति आय 3.02 लाख रुपये है जो कि बहुत अधिक है। यह राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय 1.71 लाख रुपये की से लगभग 77% अधिक है। चुनौतियों के बावजूद कर्नाटक ने पिछले कई वर्षों में तेज आर्थिक विकास देखा है। राज्य का जीएसडीपी 2011-12 में 6.06 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2022-23 में 270% की वृद्धि के साथ 22.41 लाख करोड़ रुपये हो गई है। इसी अवधि के दौरान प्रति व्यक्ति आय 90,263 रुपये से बढ़कर 3,01,673 रुपये हो गई है।

बीते कुछ वर्षों में देश के आईटी हब के रूप में उभरा कर्नाटक

कर्नाटक पिछले कुछ दशकों में भारत में एक प्रमुख आईटी हब के रूप में उभरा है। राज्य भारत में सॉफ्टवेयर निर्यात में पहले और व्यापारिक निर्यात में चौथे स्थान पर है। सेवा क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा घटक है और जीएसडीपी में इसकी 64.04% हिस्सेदारी है। वित्तीय वर्ष 2023 जीएसडीपी में उद्योग क्षेत्र की हिस्सेदारी 20.88% है, जबकि  समग्र कृषि क्षेत्र का योगदान 08.23% है। सेवाओं और उद्योगों में उच्च वृद्धि दिखाने वाले जिलों ने प्रति व्यक्ति आय में समग्र वृद्धि के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है। जबकि निचले पदों पर जिले कृषि क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भर हैं, उद्योगों और सेवा प्रतिष्ठानों की कमी के कारण, इन जिलों में सबसे कम आय है। जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) 2021-22 के अनुसार, बेंगलुरु शहरी, दक्षिण कन्नड़, बेलगावी, तुमुकुरु और मैसूर जिले शीर्ष पांच योगदान देने वाले जिले हैं, और कोप्पल, चामराजनगर, गडग, यादगीर और कोडागु जिले जीएसडीपी के मामले में सबसे कम योगदान करने वाले जिले हैं। 

देश के 100 यूनिकॉर्न स्टार्टअप में से 40 कर्नाटक के

बेंगलुरु के बारे में भारत की स्टार्ट-अप राजधानी होने का दावा किया जाता है क्योंकि भारत में 100 यूनिकॉर्न में से 40 इस शहर में स्थित हैं। प्रमुख उद्योगों और बुनियादी सुविधाओं की उच्च एकाग्रता के कारण बेंगलुरु शहरी जिला माध्यमिक (उद्योग क्षेत्र) और तृतीयक (सेवा) क्षेत्रों में सबसे ऊपर है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था (वर्तमान कीमतों पर जीएसडीपी) में 35.6% योगदान देता है, इसके बाद दक्षिण कन्नड़ (5.7%), बेलगावी (4.2%) है। कर्नाटक, जो राज्यों में तीसरे स्थान पर है और 72 में से 100 का कुल स्कोर है, सतत विकास के कई उद्देश्यों में उत्कृष्टता प्राप्त करता है। राज्य के मानव विकास सूचकांक में सुधार हुआ, जो 1999 में 0.432 से बढ़कर 2021 में 0.644 हो गया। यह एक तकनीकी रूप से उन्नत राज्य है जो इनोवेशन इंडेक्स और स्टेट स्टार्ट-अप रैंकिंग दोनों में पहले स्थान पर है। वित्तीय स्थिति के मामले में कर्नाटक एक मजबूत राज्य है जिसका राजस्व घाटा 4% से भी कम है। हालांकि, आय के अंतर को कम करने के लिए, सेवाओं और उद्योगों को टियर-2 और टियर-3 शहरों में फैलाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है ताकि इन जिलों की अर्थव्यवस्था को कृषि केंद्रित होने की बजाय सेवा और विनिर्माण उन्मुख बनाया जा सके।

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