सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी सिप के जरिये निवेशक तय रकम हर महीने एक निर्धारित तारीख को म्यूचुअल फंड की योजना में निवेश करते हैं। हर बाजार की तरह शेयर बाजार का मिजाज चक्रीय होता है। जिस तरह बाजार में तेजी का दौर आता है, वैसे ही गिरावट भी आती है। ऐसा जरूरी नहीं है कि सिप निवेशकों के लिए बाजार में उतार-चढ़ाव हर बार बुरी चीज हो। असल में, यह रुपी कॉस्ट एवरेजिंग को प्रासंगिक बना देता है। रुपी कॉस्ट एवरेजिंग एक रणनीति है, जिसमें बाजार की स्थितियों की परवाह किए बगैर नियमित अंतराल पर एक निश्चित रकम का निवेश करना शामिल है।
इस रणनीति के तहत, जब बाजार में गिरावट का दौर होता है तो आप अपनी निवेश की तय रकम से म्यूचुअल फंड की ज्यादा यूनिट खरीदते हैं। ठीक इसी तरह, बाजार के चढ़ने पर आप कम यूनिट खरीद पाते हैं। समय के साथ, यह रणनीति आपके निवेश की लागत को संतुलित करती है, जिससे संभावित रूप से बेहतर रिटर्न मिलता है।
बाजार में उतार-चढ़ाव एक अवसर भी
बाजार में उतार-चढ़ाव सिर्फ चुनौती नहीं है, बल्कि अवसर भी है। उतार-चढ़ाव भरे बाजार की वजह से परिसंपत्ति (एसेट) की लागत कम हो सकती है, जिससे आपको किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण निवेश का मौका मिल सकता है। लंबी अवधि में जैसे-जैसे बाजार में सुधार होगा तो निवेश से बेहतर रिटर्न मिल सकता है। आमतौर पर बाजार में गिरावट के दौरान सिप चालू रखने वाले निवेशक लंबी अवधि में सिप रोकने या बंद करने वालों की तुलना में बेहतर रिटर्न पा सकते हैं। सिप जारी रखने से आप कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि की ताकत का फायदा उठा सकते हैं।
सरप्लस फंड हो तो करते रहें टॉप-अप
बाजार की गिरावट का असर म्यूचुअल फंड पर शेयरों की तरह नहीं पड़ता है। म्यूचुअल फंड की योजना एक से ज्यादा एसेट क्लास, एक ही एसेट क्लास में अलग-अलग सेक्टर और शेयर में निवेश करती है। इस तरह, किसी एक एसेट, सेक्टर या शेयर का खराब प्रदर्शन दूसरे एसेट से संतुलित हो जाता है। आप कभी भी सिप शुरू कर सकते हैं, लेकिन ज्यादा अहम है सिप के साथ बने रहना। अगर आपके पास सरप्लस फंड है तो गिरावट के दौर में सिप में टॉप-अप कर सकते हैं। इससे आगे चलकर आपका रिटर्न और बेहतर हो सकता है।
ऐसे समझें निवेश व रिटर्न का गणित
- हर महीने 5,000 रुपये की सिप करने पर सालाना 12 फीसदी के अनुमानित रिटर्न से 20 साल बाद आप करीब 50 लाख रुपये की रकम जोड़ सकते हैं।
- सिप कैलकुलेटर के मुताबिक, 20 साल में आपका निवेश 12 लाख होगा, जबकि उस पर 37.95 लाख रुपये का अनुमानित रिटर्न मिल सकता है।
- सिप रोकने या बंद करने से पैसे बढ़ने की रफ्तार में रुकावट पैदा होती है, जिससे आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में देरी हो सकती है।
व्हाइटओक कैपिटल क्लाविटी फंड
- निवेश करें तो 5 साल टिकें: व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड थीम आधारित नई योजना ला रही है, जिसका नाम है...व्हाइटओक कैपिटल क्वालिटी इक्विटी फंड। योजना का न्यू फंड ऑफर सब्सक्रिप्शन के लिए 8 जनवरी को खुलकर 22 जनवरी को बंद होगा। योजना अलॉटमेंट की तारीख से पांच कारोबारी दिन में बिक्री व खरीद के लिए दोबारा खुल जाएगी।
- न्यूनतम निवेश 500 रुपये: एकमुश्त निवेश की न्यूनतम रकम 500 रुपये है और इसके बाद एक रुपये के गुणक में निवेश कर सकते हैं। साप्ताहिक, दो हफ्ते और सिप के लिए निवेश की न्यूनतम रकम 100 रुपये है, जिसमें न्यूनतम छह किस्तें शामिल हैं।
- किनके लिए है योजना: यह उन निवेशकों के लिए उपयुक्त हो सकती है, जो लंबी अवधि में पूंजी बनाना चाहते हैं। साथ ही, क्वालिटी फैक्टर थीम वाली कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी संबंधित इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश की इच्छा रखते हैं।
क्वालिटी पोर्टफोलियो पर कंपनियों का जोर
शेयर बाजार में भारी अनिश्चितता के दौर में म्यूचुअल फंड कंपनियां क्वालिटी पोर्टफोलियो पर फोकस बढ़ा रही हैं। ओक कैपिटल क्वालिटी इक्विटी फंड इसी थीम पर आधारित है। ऐसे में जिन लोगों के निवेश का नजरिया लंबी अवधि का है और कम जोखिम के साथ रिटर्न कमाना चाहते हैं, वे ओक कैपिटल क्वालिटी इक्विटी फंड में निवेश कर सकते हैं। -सचिन पारेख, एम्फी रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर