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Exit Polls: लोकसभा के चुनाव परिणाम से पहले एग्जिट पोल का शेयर बाजार पर क्या होगा असर? जानें विशेषज्ञों की राय

अमित शर्मा
Updated Sun, 02 Jun 2024 04:48 PM IST

सार

अब तक जिस तरह के एग्जिट पोल दिखाए जा रहे हैं, यह माना जा सकता है कि मोदी सरकार एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकती है। चूंकि, पिछले 10 साल में केंद्र सरकार ने मूलभूत ढांचे में निवेश करना जारी रखा है, सड़क-रेल मार्गों के निर्माण, विमानन-पोर्ट के विकसित करने पर जोर और रक्षा क्षेत्र में उत्पादन को सरकार ने लगातार अपनी प्राथमिकता में रखा है।
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Stock Market - फोटो : Amar Ujala


इसका सीधा असर शेयर मार्केट पर पड़ सकता है। शनिवार को एग्जिट पोल जारी हुए हैं और रविवार को छुट्टी होने के कारण शेयर बाजार बंद रहता है। लेकिन यह तय माना जा रहा है कि जब सोमवार को शेयर बाजार खुलेगा, तो कुछ प्रमुख शेयरों में तेजी दिखाई दे सकती है। ऐसे में सामान्य निवेशकों के मन में यह बात आ सकती है कि इस समय उन्हें किस सेक्टर की कंपनियों में निवेश करना चाहिए, जिससे वे ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सकें। 


हमने यही प्रश्न शेयर बाजार के एक्सपर्ट तरुण चुघ से किया। तरुण चुघ ने अमर उजाला से कहा कि किसी सरकार की सत्ता में वापसी के समय निवेशकों को शेयर बाजार में अपना सेक्टर चुनने में आसानी रहती है। इन स्थितियों में इस बात की संभावना ज्यादा रहती है कि पिछली सरकार जिन सेक्टरों को ज्यादा प्रमुखता के साथ आगे बढ़ा रही थी, सत्ता में वापस आने के बाद एक बार फिर वह उन्हीं सेक्टरों को आगे बढ़ाने की नीति जारी रखेगी। इसलिए सामान्य निवेशकों को यह समझना चाहिए कि पिछली सरकार की प्राथमिकताएं क्या थीं और सरकार ने किन क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर ज्यादा जोर दिया था। निवेशकों को ऐसे ही सेक्टरों का चुनाव करना चाहिए।  


तरुण चुघ ने कहा कि हालांकि इसके बाद भी यह ध्यान से देखना चाहिए कि क्या सरकार अपनी उन्हीं योजनाओं को आगे बढ़ाने पर फोकस जारी रखेगी। कई बार सरकारें अपनी ही किसी योजना को कम लाभकारी मानते हुए उस सेक्टर को बढ़ावा देना बंद कर देती हैं, लेकिन जनमत को ध्यान में रखते हुए वे सीधे तौर पर इसकी घोषणा नहीं करतीं। बल्कि वे उस सेक्टर की फंडिंग रोक देती हैं। ऐसे में निवेश करते समय यह ध्यान देना चाहिए कि यदि सरकार अपनी किसी योजना को आगे बढ़ाना जारी रखती है, तो ही उस सेक्टर में निवेश करना चाहिए। 

 

मोदी सरकार में क्या रह सकती है प्राथमिकता?

अब तक जिस तरह के एग्जिट पोल दिखाए जा रहे हैं, यह माना जा सकता है कि मोदी सरकार एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकती है। चूंकि, पिछले 10 साल में केंद्र सरकार ने मूलभूत ढांचे में निवेश करना जारी रखा है, सड़क-रेल मार्गों के निर्माण, विमानन-पोर्ट के विकसित करने पर जोर और रक्षा क्षेत्र में उत्पादन को सरकार ने लगातार अपनी प्राथमिकता में रखा है। इसलिए इन सेक्टरों में काम करने वाली कंपनियों के कामकाज में तेजी बनी रह सकती है, इसलिए इन सेक्टरों में काम करने वाली कंपनियों के शेयर खरीदने से मुनाफा होने की संभावना है।  


इसी प्रकार, ध्यान से देखें मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था की गति को बनाए रखने के लिए सड़क-रेल और मूलभूत ढांचे के निर्माण को अपनी प्राथमिकता बनाए रखी है। इसलिए सड़क-रेलमार्ग निर्माण, सीमेंट, रंग और स्टील उत्पादन के क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों के कामकाज में लगातार तेजी बनी रहने की संभावना है। 


प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना आगे बढ़ाई जाएगी? 

मोदी ने वर्तमान कार्यकाल के अंत में देश के एक करोड़ से ज्यादा घरों को प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार सत्ता में लौटने के बाद लोगों को अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा उत्पादन से जोड़ने का काम कर सकती है। पूरी दुनिया में इसका ट्रेंड चल रहा है और यह आगे भी लगातार चलता रहेगा, ऐसा माना जा सकता है। इससे सोलर पैनल, बैटरी और सोलर उपकरण बनाने वाली कंपनियों के कामकाज में तेजी आने की संभावना है।
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रक्षा कंपनियों को लेकर कैसी चर्चा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर करने के लिए लगातार देश में रक्षा उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा दिया है। इसी नीति के कारण आज देश में महत्त्वपूर्ण राइफलों, अन्य आयुध उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा दिया है। देश का विमानन क्षेत्र लगातार विस्तार पा रहा है। केंद्र सरकार ने घरेलू उड़ानों, व्यावसायिक विमानों और रक्षा क्षेत्र में काम आने वाले विमानों के निर्माण को बढ़ावा दिया है। कई देशों से इससे संबंधित तकनीकी के आदान-प्रदान को लेकर भी कई समझौते हुए हैं। इसे देखते हुए माना जा सकता है कि इन सेक्टरों पर भी नजर रखने की जरुरत है।


एग्जिट पोल अंतिम परिणाम नहीं

तरुण चुघ ने कहा कि इसके बाद भी अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा लगाने के पहले किसी सेक्टर को खूब ध्यान से समझ लेना चाहिए। यह ध्यान रखना चाहिए कि एग्जिट पोल अंतिम परिणाम नहीं होते। कई बार ऐसा देखा गया है कि एग्जिट पोल में सबसे आगे रहने वाली पार्टी भी फेल साबित हो जाती है। ऐसे में निवेश करने से पहले सभी पहलुओं को ध्यान से समझ लेना चाहिए। एक दिन में लाभ कमाने को सोच रखने की बजाय शेयर बाजार में लंबे समय के लिए निवेश करना बेहतर रहता है। मूलभूत ढांचा ऐसा क्षेत्र है, जो लगभग हर सरकार की प्राथमिकता में रहता है। बढ़ती आबादी के कारण भी ऐसे सेक्टर की कंपनियों के कामकाज में लगातार तेजी बनी रहती है। इसी तरह एफएमसीजी सेक्टर में काम करने वाली अच्छी कंपनियों के शेयर चाहे तुरंत कुछ नुकसान दें, लेकिन लंबी अवधि में उनमें मुनाफा होना लगभग तय रहता है। इसलिए यदि कम जोखिम उठाना चाहते हैं तो ऐसे सेक्टर की कंपनियों में पैसा लगाना बेहतर होता है।

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