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LPG Crisis: पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत की नजर, सरकार बोली- सुरक्षा व आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी

Mon, 23 Mar 2026 05:23 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

West Asia: मध्य पूर्व में तनाव कम होने और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई टालने के फैसले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 15% तक की भारी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके असर की पूरी खबर पढ़ें।
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प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर भारत सरकार लगातार नजर रख रही है। विदेश मंत्रालय ने इस क्षेत्र में फंसे या कार्यरत भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर कई विश्व नेताओं से बातचीत की है।

एलपीजी आपूर्ति की स्थिति पर क्या जानकारी दी गई?

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एलपीजी आपूर्ति पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, वितरक जहाजों में कोई कमी नहीं है। अफरा-तफरी में हुई एलपीजी बुकिंग में कमी आई है। अब आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। सरकार के बयान के अनुसार, मार्च के पहले तीन हफ्तों में शहर गैस वितरण इकाइयों ने साढ़े तीन लाख से अधिक घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन जारी किए हैं। घरेलू एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। घबराहट में बुकिंग में भी काफी कमी आई है।

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भू-राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर एलपीजी आपूर्ति की निगरानी जारी है। वितरकों पर किसी सूखे की सूचना नहीं मिली है। सरकार ने 20 फीसदी वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति बहाल की है। पीएनजी विस्तार हेतु कारोबार सुगमता सुधारों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त 10 फीसदी वाणिज्यिक एलपीजी देने का प्रस्ताव है। रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन संकट-पूर्व स्तरों से बढ़ा है। सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है। पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। तेल विपणन कंपनियों ने खुदरा दुकानों पर ईंधन की कमी नहीं बताई है। पर्याप्त स्टॉक होने के कारण नागरिकों को घबराहट में खरीदारी न करने की सलाह दी गई है।

घरेलू पीएनजी और कमर्शियल सीएनजी की 100% आपूर्ति हो रही सुनिश्चित

प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को संरक्षित आपूर्ति मिल रही है, जिसमें घरेलू पीएनजी और सीएनजी परिवहन को 100 फीसदी आपूर्ति शामिल है। औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को करीब 80 फीसदी आपूर्ति विनियमित की जा रही है। शहर गैस वितरण इकाइयों को वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने की सलाह मिली है। आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल जैसी कंपनियां प्रोत्साहन दे रही हैं। प्रमुख शहरों और शहरी क्षेत्रों में वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं से पीएनजी पर स्विच करने का अनुरोध किया गया है।

सरकारी पहल और समन्वय के बारे में सरकार ने क्या बताया?

भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सीजीडी नेटवर्क विस्तार के लिए आवश्यक आवेदनों को शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय को राजस्थान और मध्य प्रदेश से सीजीडी व पीएनजी सुधारों पर आवेदन मिले हैं, जिनकी जांच हो रही है। सरकार ने केंद्रीय मंत्रालयों से सीजीडी बुनियादी ढांचे की लंबित अनुमतियों को तेजी से निपटाने का आग्रह किया है। केंद्रीय मंत्रालयों से अपने प्रतिष्ठानों में पीएनजी मांग का मूल्यांकन कर नोडल अधिकारी नामित करने का अनुरोध है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति से भी बात की है। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। इन हमलों से क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा हुआ है। साथ ही, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं भी बाधित हुई हैं। उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने का महत्व दोहराया कि जहाजरानी मार्ग खुले और सुरक्षित रहें। उन्होंने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना की। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर महाजन ने कहा कि मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

समुद्री सुरक्षा और जहाजों की वापसी पर क्या बताया गया?

बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने समुद्री सुरक्षा पर बात की। डीजी शिपिंग जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के साथ लगातार समन्वय में है। पिछले 24 घंटों में 13 जहाजों की वापसी हुई है। यदि 48 घंटे की अवधि देखें, तो कुल 34 जहाजों की वापसी हुई है। डीजी शिपिंग के संचार केंद्र, 24/7 डीजीकॉम सेंटर को पिछले 24 घंटों में 60 टेलीफोन कॉल और 129 ईमेल प्राप्त हुए। इन सभी का विधिवत जवाब दिया गया है।

भारत के राजनयिक प्रयासों के बारे में क्या जानकारी दी गई?

प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे संघर्ष पर कई विश्व नेताओं से बात की है। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति से भी इस विषय पर चर्चा की। भारत ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की है। इन हमलों से क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं बाधित हुई हैं। भारत नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और जहाजरानी मार्गों को सुरक्षित रखने पर जोर दे रहा है। विदेश मंत्रालय भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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