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Iran War: 'हम युद्ध नहीं चाहते, वैश्विक नेताओं की जिम्मेदारी वे जंग रुकवाएं', बोले भारत में ईरान के प्रतिनिधि

Sat, 14 Mar 2026 03:42 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने पश्चिम एशिया में जारी मौजूदा संघर्ष के लिए दूसरे पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के माध्यम से समाधान चाहता था। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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ईरान संकट - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान युद्ध नहीं चाहता था। इलाही ने आरोप लगाया कि जब वे बातचीत की मेज पर थे, तब उन पर हमला किया गया और इसी से इस युद्ध की शुरुआत हुई।

एएनआई के साथ बातचीत में डॉ. इलाही ने कहा कि ये वैश्विक समस्याएं और संघर्ष ईरान की वजह से नहीं हैं, बल्कि दूसरे पक्ष द्वारा पैदा किए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान दूसरे लोगों की पीड़ा, गैस, पेट्रोल या तेल की कमी से खुश नहीं है। हालांकि, उन्होंने अपनी रक्षा करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इलाही ने दुनिया के नेताओं से अपील की कि यह उनका कर्तव्य और जिम्मेदारी है कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका पर दबाव डालें। उन्होंने आग्रह किया कि वैश्विक नेता अमेरिका से कहें कि इस युद्ध को रोका जाए, क्योंकि लोग पीड़ित हैं।

युद्ध की शुरुआत पर ईरान का रुख

डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने मौजूदा संघर्ष के लिए दूसरे पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के माध्यम से समाधान चाहता था। उनके अनुसार, बातचीत के दौरान ही उन पर हमला किया गया। इसी हमले के कारण यह युद्ध शुरू हुआ, जिसमें कई लोग प्रभावित हुए हैं।

वैश्विक नेताओं से अपील और जिम्मेदारी

ईरान के प्रतिनिधि ने वैश्विक नेताओं से इस संघर्ष को समाप्त करने में भूमिका निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के नेताओं का यह कर्तव्य है कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका पर दबाव डालें। इलाही ने उनसे युद्ध रोकने की अपील की, ताकि पीड़ित लोगों को राहत मिल सके। यह जिम्मेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

होर्मुज से जुड़े सवाल पर क्या बोले इलाही?

ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही से पूछा गया कि क्या भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध आवागमन की अनुमति दी जाएगी, तो उन्होंने जवाब दिया, "हां।" उन्होंने कहा, "मैंने सुना है कि हमारे दूतावास ने कुछ भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने का अवसर देने की कोशिश की थी।"

ईरान के जवाबी हमलों की आलोचना पर इलाही की क्या प्रतिक्रिया?

खाड़ी क्षेत्र में ईरान द्वारा किए जा रहे जवाबी हमलों के लिए हो रही आलोचनाओं के बारे में एएनआई से बात करते हुए, भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा, "...अमेरिका ईरान से 6,000 मील से भी अधिक दूर है... ये ठिकाने कहां हैं जिनका इस्तेमाल अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए कर रहा है? कल मैंने कुछ अमेरिकी सीनेटरों से सुना कि अमेरिका ने ईरान के आसपास 45 ठिकाने स्थापित किए हैं। अमेरिका इस क्षेत्र से क्या चाहता है?... हमने युद्ध से पहले अपने पड़ोसियों से कहा था कि वे अमेरिका को ईरान के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए ठिकाने न दें। उन्होंने हमें बताया कि वे अमेरिका को इसका इस्तेमाल नहीं करने देंगे। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि वे ऐसा नहीं होने देना चाहते... बहरीन से मिसाइलें दागी गईं, जिनमें 175 निर्दोष लड़कियां मारी गईं... हमें अपनी रक्षा करनी होगी। हमें इन ठिकानों को नष्ट करना होगा।"

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