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महंगा होने जा रहा है आपका टीवी देखना, हर महीने खर्च करने होंगे 300 रुपये ज्यादा

Wed, 26 Sep 2018 02:04 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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आपका टीवी देखना महंगा होने जा रहा है। देश की प्रमुख ब्रॉडकास्टर कंपनियों ने इस संबंध में बड़ा फैसला लेते हुए कहा है वो सभी मुफ्त चैनलों को पे चैनल कर रहे हैं। इससे टीवी का बेसिक पैकेज भी देखने के लिए लोगों को कम से कम 300 रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। हालांकि यह नियम दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आदेश के विपरीत है।
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ट्राई के आदेश को मिली है चुनौती

ट्राई ने 27 दिसंबर तक सभी डीटीएच कंपनियों को 130 रुपये में 100 चैनल दिखाने का आदेश जारी किया था। इसमें वो चैनल भी शामिल थे, जिनको देश भर की जनता सबसे ज्यादा देखती है। ट्राई के इस आदेश को स्टार इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है। लेकिन इस बीच अन्य प्रमुख नेटवर्क जैसे कि सोनी, जी, वॉयकॉम 18 और स्टार ने अपने सभी फ्री-टू-एयर (एफटीए) चैनलों को पे चैनल में तब्दील कर दिया है।

अब बेसिक पैकेज में नहीं दिखेंगे कई चैनल

बेसिक पैकेज में 100 चैनलों को शामिल करने का फैसला ट्राई ने किया था। लेकिन अब कंपनियों ने कहा है कि वो अपने एफटीए चैनलों को पे चैनल में तब्दील कर दिया है। इसके पीछे कंपनियों ने तर्क दिया है कि वो अपनी रेवेन्यू को बढ़ाना चाहते हैं। साथ ही केबल और डीटीएच कंपनियां बहुत ज्यादा पैसा कैरिज व प्लेसमेंट फीस के तौर पर मांगते हैं, जिससे उनका खर्चा काफी बढ़ जाता है। फ्री चैनल देखने को मिलने के कारण दर्शक भी अन्य पे चैनलों के लिए पैसा खर्च नहीं करते हैं।
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बेसिक पैक में मिलेंगे केवल दूरदर्शन के चैनल

टीवी ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों के इस कदम से ग्राहकों को अब बेसिक पैकेज में केवल दूरदर्शन के चैनल देखने को मिलेंगे। केंद्र सरकार की तरफ से दूरदर्शन के सभी 26 चैनल दिखाना जरूरी है। अब अन्य सभी चैनलों को देखने के लिए दर्शकों को 450 रुपये खर्च करने पड़ेंगे, जिसका असर उनके बजट पर पड़ेगा। अभी 100 चैनलों का बेसिक पैकेज 130-200 रुपये का पड़ता है। वहीं सभी चैनलों को देखने के लिए 600 रुपये खर्च करने होते हैं।

एचडी चैनल देखने से और बढ़ेगा बजट

अगर दर्शक एचडी चैनल देखना चाहता है, तो उसे ज्यादा पैसा देना होगा। एक अनुमान के मुताबिक सभी एचडी व एसडी चैनल देखने के लिए दर्शकों को हर महीने कम से कम 1000 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। पेड चैनल करने से डीटीएच व केबल कंपनियां भी दाम बढ़ाने पर मजबूर हो जाएंगी।

डीटीएच, केबल कंपनियों की दो तरफ से कमाई

देश भर में कार्य कर रहीं सभी डीटीएच और केबल कंपनियां दो तरफ से कमाई करती हैं। वो ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों से भी चैनल को दिखाने के लिए पैसा लेती हैं, वहीं ग्राहकों से भी पैकेज लेने के नाम पर शुल्क वसूलती हैं। ग्राहकों से मासिक, तिमाही, छमाही और वार्षिक आधार पर शुल्क लिया जाता है। वहीं ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों से एक साल के लिए सभी चैनलों का पैसा लिया जाता है।

 
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