सरकार इंडिगो की ओर से नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को लागू करने में कथित लापरवाही की जांच करेगी। आरोप है कि एयरलाइन ने 1 नवंबर से लागू होने वाले नियमों की तैयारी करने के बजाय हफ्तों तक छूट और ढील मांगने में समय लगाया। एक चार सदस्यीय समिति यह भी जांचेगी कि क्या क्रू और पायलटों की ड्यूटी तैनाती नियमों के अनुसार नहीं की गई, जिसके चलते देशभर में उड़ानों में बड़े पैमाने पर रद्दीकरण और देरी हुई। इस बीच, सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि इंडिगो संकट की जांच कर रही डीजीसीए समिति बुधवार को सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ इसिड्रे पोरक्वेरस को तलब कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, समिति अक्तूबर के अंत तक DGCA के साथ इंडिगो की बातचीत की समीक्षा करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि एयरलाइन ने विशेष रूप से रात में लैंडिंग सीमाओं जैसे नियमों में ढील या टालने का प्रयास किया था क्या। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस अवधि में छूट मांगने के बजाय एयरलाइन को संचालन व्यवस्था सुधारनी चाहिए थी।
नए नियमों के तहत जेप्पेसन क्रू रोस्टरिंग सॉफ्टवेयर का अपडेट अनिवार्य था। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या इंडिगो ने इस अपडेट में देरी इसलिए की क्योंकि वह नियामकीय राहत चाह रहा था। एयरलाइन ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
केंद्र नई व्यवस्था के समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर कोर्ट के निर्देशों के बावजूद DGCA ने इंडिगो के अनुरोधों को कैसे निपटाया, यह भी जांच का हिस्सा है। दावा है कि जहां अन्य एयरलाइनों ने अपनी तैयारी रिपोर्ट दी, वहीं इंडिगो ने ऐसा नहीं किया।
इंडिगो आम तौर पर हर महीने 25 तारीख को पायलट रोस्टर जारी करता है, पर नवंबर के लिए आधा रोस्टर 29 अक्तूबर को और शेष 13-14 नवंबर को जारी किया गया। दिसंबर में भी ऐसा ही हुआ। संचालन संकट के बाद एयरलाइन अब शॉर्ट-टर्म रोस्टर जारी कर रही है। यह व्यवस्था तब तक जारी रह सकती है, जब तक स्थिति स्थिर नहीं हो जाती या 10 फरवरी 2026 की अंतिम समयसीमा में बदलाव नहीं होता।
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पायलटों का कहना है कि नए नियम सुरक्षा और पर्याप्त विश्राम सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं और इन्हें कमजोर करने का प्रयास नहीं होना चाहिए। एक पायलट ने कहा, इसे लागू कराने की मांग हमें नहीं, जनता को करनी चाहिए। दूसरे सूत्र ने कहा कि अतिरिक्त आराम घंटे के बदले भुगतान वाली छुट्टियां काटना नियम की भावना के खिलाफ है।
इंडिगो ने रविवार तक अपनी 75% उड़ानें बहाल कर 1,650 उड़ानें संचालन में वापस लाईं, जबकि सामान्य औसत 2,200 है। एयरलाइन ने कहा कि 10 दिसंबर तक स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। अब तक यात्रियों को ₹800 करोड़ से अधिक के रिफंड जारी किए जा चुके हैं।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि पर्याप्त समय होने के बावजूद इंडिगो संशोधित नियमों का पालन करने में विफल रहा। उन्होंने बताया कि एयरलाइन के सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एयरलाइन प्रबंधन को जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है।