पिछले 36 घंटों से अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले शुरू कर दिए। खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों और इस्राइल पर मिसाइल और ड्रोन हमलों ने पूरे क्षेत्र को आग के घेरे में ला दिया है। तनाव अपने चरम पर है और दोनों तरफ भारी बमबारी जारी है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस युद्ध की लपटों का असर भारत समेत वैश्विक व्यापार और बाजार कैसा होगा? आइए यहां जानते हैं।
बीते 36 घंटों से पश्चिम एशिया आग की लपटों में है। ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमलों ने दुनियाभर में हलचल तेज कर दी है। दूसरी ओर ईरान के जवाबी हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इसका कारण है कि ईरान ने जवाब में इस्राइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं, जिसके चलते हर तरफ विस्फोट और तबाही के दृश्य हैं। क्षेत्र तनाव की कगार पर है और अब सवाल यह है कि इस हिंसक संघर्ष का असर वैश्विक व्यापार, तेल की कीमतों और दुनिया की सुरक्षा पर कितना गहरा होगा।
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विमान सेवाएं, निर्यात और आयात पर भी असर
शेयर बाजार, तेल के साथ-साथ इस संघर्ष के चलते विमानन सेवाएं, निर्यात और आयात के कारोबार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग और बीमा कंपनियों के प्रीमियम तक प्रभावित होते दिख रहे हैं। मसलन पिछले कुछ दिनों में 700 से अधिक उड़ान रद्द कर दी गईं और कई विमान सेवाओं को मार्ग बदलना पड़ा क्योंकि पश्चिम एशिया का हवाई मार्ग अस्थिर हो गया था। इस्राइल, कतर, सीरिया, ईरान, इराक, कुवैत और बहरीन ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इसके कारण लाखों यात्री फंसे हुए हैं या उन्हें दूसरे हवाई अड्डों पर भेजा गया है।