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Biz Updates: विजय माल्या ने अपने खिलाफ दिवालियापन आदेश को गुणवत्ता के आधार पर रद्द करने की मांग की, दिया तर्क

Sat, 22 Feb 2025 07:04 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Biz Updates: संकटग्रस्त करोबारी विजय माल्या ने ब्रिटेन में अपने वकीलों को निर्देश दिया है कि वे उनके दिवालियापन आदेश के खिलाफ निरस्तीकरण आवेदन को आगे बढ़ाएं। माल्या के वकीलों ने बताया है कि पिछले साल दिसंबर में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में दिया गए बयान के बाद उनके खिलाफ दिए गए आदेश की गुणवत्ता सही नहीं है।
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बिजनेस अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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संकटग्रस्त करोबारी विजय माल्या ने ब्रिटेन में अपने वकीलों को निर्देश दिया है कि वे उनके दिवालियापन आदेश के खिलाफ निरस्तीकरण आवेदन को आगे बढ़ाएं। माल्या के वकीलों ने बताया है कि पिछले साल दिसंबर में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में दिया गए बयान के बाद उनके खिलाफ दिए गए आदेश की गुणवत्ता सही नहीं है। माल्या ने यह कदम न्यायमूर्ति एंथनी मान की ओर से दिवालियापन से जुड़े केस में फैसला सुरक्षित रखने के बाद उठाया है। इस सप्ताह लंदन के उच्च न्यायालय में माल्या के दिवालियापन आदेश से संबंधित तीन अपीलों की सुनवाई पूरी हो गई है।

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न्यायाधीश ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व में बैंकों के एक संघ से संबंधित जटिल दलीलें सुनीं, जिसमें 69 वर्षीय व्यवसायी की अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर लगभग 1.05 बिलियन पाउंड के अनुमानित ऋण के पुनर्भुगतान की मांग की गई थी। माल्या धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों में भारत में वांछित है। जायवाला एंड कंपनी के प्रबंध साझेदार लेह क्रेस्टोहल ने पीटीआई को बताया, "माल्या के दृष्टिकोण से, ये दिवालियापन कार्यवाही गुणवत्ता पूर्ण नहीं है।"

क्रेस्टोल ने पिछले साल 17 दिसंबर को संसद में सीतारमण के बयान का हवाला देते हुए कहा, "अब ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं जो दर्शाते हैं कि बैंकों का न केवल कर्ज चुका दिया गया है, बल्कि इसके अलावा बैंकों ने डॉ. माल्या से बकाया राशि से अधिक राशि वसूल ली है।" उन्होंने कहा कि सीतारमण ने संसद में दिए अपने बयान में पुष्टि की है कि 14,131.6 करोड़ रुपये की राशि एकत्र कर ली गई है और बैंकों को वापस कर दी गई है। क्रेस्टोहल ने कहा कि "यह मानकर चलना चाहिए" कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक संसद में दिए गए मंत्री के बयान की सत्यता को स्वीकार करेंगे।"

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