भारत का वनस्पति तेल आयात अक्तूबर, 2023 में समाप्त तेल वर्ष में 16 फीसदी बढ़कर 167.1 लाख टन पर पहुंच गया। कुछ खाद्य तेलों पर कम शुल्क की वजह से आयात बढ़ा है। तेल वर्ष 2021-22 (नवंबर-अक्तूबर) में 144.1 लाख टन खाद्य तेल का आयात हुआ था। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने सोमवार को बताया, तेल वर्ष 2022-23 में कुल वनस्पति तेल आयात में 164.7 लाख टन खाद्य तेल था। गैर-खाद्य तेल की हिस्सेदारी सिर्फ 2.4 लाख टन रही। पिछले वर्ष की तुलना में खाद्य तेलों के आयात में 24.4 लाख टन की इस वृद्धि का कारण कच्चे पाम तेल, सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल पर मौजूदा 5.5 फीसदी का निचला शुल्क है।
इन्फ्रा परियोजनाओं की लागत 4.77 लाख करोड़ बढ़ी
बुनियादी ढांचा क्षेत्र की 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक के खर्च वाली 417 परियोजनाओं की लागत इस साल सितंबर तक तय अनुमान से 4.77 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गई है। देरी व अन्य कारणों से इन परियोजनाओं की लागत बढ़ी है। सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह की 1,763 परियोजनाओं में से 417 की लागत बढ़ गई है। 842 अन्य परियोजनाएं देरी से चल रही हैं।
रुपया अब तक के सार्वकालिक निचले स्तर पर
डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को 5 पैसे टूटकर 83.33 के सार्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की पूंजी निकासी से रुपये पर दबाव बढ़ा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 83.31 के स्तर पर खुला। इससे पहले घरेलू मुद्रा 18 सितंबर, 2023 को कमजोरी के साथ 83.32 के अब तक के सार्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुई थी।
कोयला आयात में 4.3 फीसदी की बढ़ोतरी
भारत का कोयला आयात सितंबर में पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने की तुलना में 4.3 फीसदी बढ़कर 2.06 करोड़ टन पहुंच गया। एमजंक्शन सर्विसेज के अनुसार, कुल आयात में नॉन-कोकिंग कोयले की हिस्सेदारी 1.38 करोड़ टन रही।
म्यूचुअल फंड : 34,765 करोड़ रुपये का निवेश
म्यूचुअल फंड के प्रति निवेशकों का आकर्षण कायम है। चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में इसमें 34,765 करोड़ का पूंजी प्रवाह आया। हालांकि, पिछली तिमाही के 1.85 लाख करोड़ के पूंजी प्रवाह के मुकाबले यह काफी कम है।
एडीबी से 40 करोड़ डॉलर का कर्ज करार
केंद्र ने शहरी बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से 40 करोड़ डॉलर का कर्ज करार किया है। आर्थिक मामलों के विभाग की संयुक्त सचिव जूही मुखर्जी और एडीबी के ताकेओ कोनिशी ने सोमवार को हस्ताक्षर किए।