अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बार फिर राष्ट्रपति ट्रंप की H-1B वीजा सुधार नीतियों का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वीजा प्रणाली का दुरुपयोग कर विदेशी प्रतिभाओं को रियायतों दरों पर नियुक्त किया जा रहा है, जिससे अमेरिकी कर्मचारियों की मजदूरी पर असर पड़ रहा है।
ये भी पढ़ें: Q1 Results: गूगल ने हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि, पहली बार तिमाही राजस्व पहुंचा 100 अरब डॉलर के पार
प्रशासन का उद्देश्य अमेरिकी श्रमिकों के लिए निष्पक्षता सुनिश्चित करना
मिसिसिपी में आयोजित टर्निंग प्वाइंट यूएसए कार्यक्रम में बुधवार को बोलते हुए वेंस ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य वीजा सुधारों के जरिए अमेरिकी श्रमिकों के लिए निष्पक्षता सुनिश्चित करना और वीजा कार्यक्रम को उसके मूल उद्देश्य वैश्विक प्रतिभा को बनाए रखना की ओर लौटाना है, न कि सस्ते विदेशी श्रम से घरेलू कर्मचारियों को प्रतिस्थापित करना।
हर साल करीब 10 लाख कानूनी प्रवासियों को मिलती है अनुमति
उन्होंने आगे कहा कि कानूनी आव्रजन एक जटिल विषय है, क्योंकि हम हर साल करीब दस लाख कानूनी प्रवासियों को अमेरिका में आने की अनुमति देते हैं। और सबूत साफ बताते हैं कि इनमें से कई प्रवासी वास्तव में अमेरिकी श्रमिकों के वेतन में कटौती कर रहे हैं।
अमेरिका में ही सारी प्रतिभा मौजूद
उपराष्ट्रपति ने कहा कि अगर आप एच-1बी वीजा को देखें, तो इसका मतलब है कि आपके पास एक सुपर जीनियस होगा, जो किसी अमेरिकी विश्वविद्यालय में पढ़ रहा है और किसी बड़ी कंपनी में काम कर रहा है। आप चाहते हैं कि वह सुपर जीनियस अमेरिका में ही रहे और कहीं और न जाए। असल में इसका इस्तेमाल एक अमेरिकी नागरिक के लिए 50 प्रतिशत छूट पर एक अकाउंटेंट को नियुक्त करने के लिए किया जाता है। मुझे नहीं लगता कि हमें विदेशों से अकाउंटेंट नियुक्त करने चाहिए, जबकि हमारे पास अमेरिका में ही ऐसे अकाउंटेंट मौजूद हैं जो अच्छी तनख्वाह पर काम करना पसंद करेंगे।
एच-1 बी विजा को लेकर नया कानून
वेंस की यह टिप्पणी उस घोषणा पर बढ़ती बहस के बीच आई है, जिसके तहत सितंबर में ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित एच-1बी वीजा याचिका में बड़े पैमाने पर बदलाव किया गया। घोषणा के अनुसार, अब नए एच-1बी वीजा आवेदनों के लिए 100,000 डॉलर का शुल्क लगेगा, जो कि पिछले स्तर लगभग 1,500 अमेरिकी डॉलर से काफी अधिक है।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, नई शुल्क आवश्यकता केवल उन व्यक्तियों या कंपनियों पर लागू होती है जो 21 सितंबर के बाद नई H-1B याचिकाएं दाखिल करते हैं या H-1B लॉटरी में प्रवेश करते हैं।
मौजूदा वीजा धारकों और उस तारीख से पहले जमा की गई याचिकाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस घोषणा के तहत, समयसीमा के बाद दायर की गई हर नई एच-1बी वीजा याचिका के साथ 1,00,000 डॉलर का भुगतान करना होगा, जिसमें 2026 लॉटरी में प्रवेश के लिए जमा की गई याचिकाएं भी शामिल हैं।