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निवेश मंत्रा- वैल्यू निवेश के लिए धैर्य रखने की जरूरत, पूरा लाभ मिलेने के लिए समय लग सकता है

Mon, 02 Sep 2024 05:26 AM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वैल्यू निवेश अमेरिका जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं में बहुत सफल रहा है। हालांकि, भारत में इसके सफल होने में संदेह था। पर, 2004 में लॉन्च पहले वैल्यू निवेश फंड ने संदेह को गलत साबित कर दिया।  
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निवेश - फोटो : istock
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विस्तार
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वैल्यू निवेश के लिए धैर्य की जरूरत होती है, क्योंकि पूरा लाभ मिलने में समय लग सकता है। जब आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने 2004 में वैल्यू डिस्कवरी फंड लॉन्च किया, तो इस बात पर संदेह था कि क्या भारत जैसे बाजार में वैल्यू निवेश बढ़ सकता है। हालाँकि, उद्योग को यह विश्वास था कि वैल्यू निवेश, जो अमेरिका जैसी अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सफल साबित हुआ था, यहां भी अपनी जगह बनाएगा। वैल्यू निवेश दृष्टिकोण भारतीय बाजार में भी प्रभावी है। इस स्कीम ने धैर्यवान निवेशकों को लंबे समय में बेहतर मुनाफा दिया है।
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लंबी अवधि में ही मिलेगा बेहतर रिटर्न
दो दशकों में वैल्यू डिस्कवरी फंड ने दिखाया है कि वैल्यू निवेश वास्तव में भारत जैसे विकासशील बाजार में काम कर सकता है। बाजार के खराब प्रदर्शन वाले चरण जैसे कि मई 2006 से फरवरी 2009 के बीच व फिर 2016 से 2018 तक दीर्घकालिक परिणाम वैल्यू निवेश की स्थायी ताकत को दिखाते हैं। रुक-रुक कर आने वाले खराब चरणों के बावजूद वैल्यू निवेश की लंबी अवधि में संभावनाएं मजबूत हैं।  

वैल्यू निवेश में ऐसे स्टॉक चुने जाते हैं, जिनका बाजार मूल्य आंतरिक मूल्य से कम होता है। इन्हें कम कीमत वाला शेयर मानकर तब तक रखा जाता है, जब तक वे सही या उससे अधिक भाव के नहीं हो जाते।
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यह विधि इस आधार पर तय होती है कि कम कीमत वाले स्टॉक समय के साथ मूल्य में वृद्धि करेंगे और लंबे समय में निवेशकों को लाभ देंगे।

10 लाख का निवेश 20 साल में 4.50 करोड़
वैल्यू डिस्कवरी फंड में 20 साल पहले निवेशित 10 लाख की कीमत आज 4.50 करोड़ है। यानी चक्रवृद्धि दर रिटर्न 21 फीसदी से ज्यादा रहा है। इसी अवधि में निफ्टी में यही रकम 16 फीसदी की दर से सिर्फ दो करोड़ हुई है।

आईप्रू वैल्यू डिस्कवरी फंड देश में सबसे बड़ा वैल्यू फंड है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट 48,806 करोड़ है। यानी म्यूचुअल फंड की वैल्यू कैटेगरी में कुल एयूएम का अकेले करीब 26 फीसदी हिस्सा इसके पास है। एक साल में इस फंड में 10 हजार रुपये का निवेश अब 14,312 रुपये हो गया है। यानी करीब 43 फीसदी का रिटर्न।

वैल्यू निवेशकों का मानना है, बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के कारण शेयर की कीमतें उनके आंतरिक मूल्य से कम हो सकती हैं। वे कंपनी के मूल सिद्धांतों का विश्लेषण कर उन संभावित शेयरों की खोज शुरू करते हैं, जो उनके मूल्य से कम कीमत पर कारोबार कर रहे हों।
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