ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल 38 हजार कम एच1बी वीजा जारी किए हैं। हालांकि इस दौरान नागरिकता देने वालों की संख्या में एक लाख से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं अमेरिका की एक कंपनी को प्रशासन ने एच1बी वीजा धारकों को 7.62 करोड़ रुपये का भुगतान देने का आदेश जारी किया है।
वहीं 2018 में करीब आठ लाख लोगों को अमेरिकी नागरिकता मिली है। 2017 में करीब सात लाख लोगों को यहां की नागरिकता मिली थी। वहीं 11 लाख लोगों को ग्रीन कार्ड जारी किए गए हैं।
ट्रम्प प्रशासन एच1बी वीजा कार्यक्रम को दबाने के लिए आक्रामक तरीके से योजनाएं लागू कर रहा है। उसकी यह कोशिशें अब आंकड़ों में भी दिखाई दे रही है। लाई 2017 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, एच-1बी वीजा के लिए सबसे ज्यादा भारतीय आवेदन करते हैं। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के अनुसार, 2007 से 2017 तक 22 लाख भारतीयों ने एच1बी वीजा के लिए आवेदन किया था।
अमेरिकी कंपनी पॉपुलस ग्रुप को ट्रंप प्रशासन ने 600 एच1बी वीजाधारक कर्मचारियों को 7.62 करोड़ रुपये (1.1 मिलियन डॉलर) का भुगतान करने को कहा है। यह आदेश इसलिए दिया गया है क्योंकि छुट्टियों के दौरान कंपनी ने अपने इन कर्मचारियों को पैसा नहीं दिया था।