कोरोना वायरस महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की की हालत बेहद खराब कर दी है। इस बीच ईरान को भारी नुकसान हुआ। ईरान की मुद्रा काफी निचले स्तर पर आ गई है। एक अमेरिकी डॉलर के बदले में अब 2,72,500 ईरानी रियाल मिल रहा है। जून माह से अब तक डॉलर की तुलना में रियाल में 30 फीसदी की गिरावट आई है।
2015 में भी आई थी भारी गिरावट
कोरोना के अतिरिक्त ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का भी असर है। इसकी वजह से तेहरान अपना तेल वैश्विक बाजारों में नहीं बेच पा रहा है। भारतीय मुद्रा के मुताबिक, रविवार को ईरानी रियल की कीमत 17 पैसे से भी कम थी। मालूम हो कि साल 2015 में ईरान की मुद्रा डॉलर की तुलना में 32,000 तक पहुंच गई थी।
अमेरिकी प्रतिबंधों का भी असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंधों को बहाल कर दिया। साथ ही उस पर कई नए प्रतिबंध भी लगाए। ट्रंप ने एक बयान में कहा कि, 'आज मैं ईरान के परमाणु, बैलिस्टिक मिसाइल और पारंपरिक हथियारों पर प्रतिबंध लगाने के लिए नए कदम उठा रहा हूं। मेरा प्रशासन कभी भी ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा और न ही हम ईरान को बैलिस्टिक मिसाइलों और पारंपरिक हथियारों की आपूर्ति के जरिए शेष विश्व को खतरे में डालने की अनुमति देंगे।'
ट्रंप ने कहा कि यह आदेश ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के लगाए हथियार प्रतिबंधों को लागू करेगा। यह आदेश ईरान द्वारा आतंकियों और खतरनाक लोगों को हथियार देने से रोकेगा। साथ ही अपनी सेना के लिए हथियार बनाने की क्षमता को भी प्रभावित करेगा।