भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसराइल के पीएम के साथ।
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वैश्विक मामलों पर केंद्रित अमेरिका की एक प्रसिद्ध पत्रिका 'फॉरेन पॉलिसी' में प्रकाशित एक लेख में पश्चिम एशिया में भारत के 'प्रमुख खिलाड़ी' के रूप में उभरने को क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में हुए सबसे दिलचस्प भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में से एक बताया गया है। लेख में इजरायल, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित क्षेत्र के प्रमुख देशों के साथ नई दिल्ली के गहरे और बढ़ते संबंधों पर प्रकाश डाला गया है। लेख में कहा गया है कि भारत का उभरना अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और नई बहुध्रुवीयता से लाभ उठाने के लिए इन देशों की इच्छा और शायद उत्सुकता को भी दर्शाता है।
पश्चिम एशिया में भारत की भूमिका का लाभ ले सकता है अमेरिका
लेखक स्टीवन ए कुक ने तर्क दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए इस मामले में कुछ करने की बहुत कम गुंजाइश है। हालांकि एक विरोधाभासी तरीके से अमेरिका इस परिस्थिति का लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा, 'अगर अमेरिका के पश्चिम एशिया के साझेदार वाशिंगटन के विकल्प की तलाश कर रहे हैं तो बेहतर होगा कि नई दिल्ली भी विकल्पों में शामिल हो।'
भारत के उभरने से अमेरिका, रूस या चीन के लिए क्षेत्र में प्रभुत्व जताना मुश्किल
कुक ने लिखा, "अमेरिका अब इस क्षेत्र में निर्विवाद रूप से अपना प्रभुत्व नहीं जता सकता, लेकिन जब तक भारत पश्चिम एशिया में अपनी उपस्थिति का विस्तार करता है, तब तक चीन और रूस भी ऐसा करने की स्थिति में नहीं हैं।" लेखक ने करीब एक दशक पहले अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस समय उन्हें इस बात ने चौंका दिया था कि भारतीय मध्य पूर्व में बड़ी भूमिका नहीं निभाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि हालांकि उनकी यात्रा के बाद के 10 वर्षों में अब चीजें बदल गई हैं।
पश्चिम एशियाई देश भारत से संबंध बढ़ाने में अपनी रुचि दिखा रहे
कुक ने लिखा है, 'अमेरिकी अधिकारी और विश्लेषक बीजिंग के हर कूटनीतिक कदम को लेकर जुनूनी हैं और पश्चिम एशिया में चीनी निवेश को संदेह की नजर से देखते हैं, पर भारत के मामले में ऐसा नहीं है। वाशिंगटन पिछले कुछ वर्षों में हुए सबसे दिलचस्प भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में से एक की अनदेखी कर रहा है वह घटनाक्रम है पश्चिम एशिया में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में भारत का उभरना। लेख में कहा गया है कि खाड़ी देशों में संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब आक्रामक रूप से भारत के साथ संबंधों का विस्तार करने के तरीके तलाश रहे हैं।