फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Crude Supply: 23 साल के बाद खुलेगी 2003 से बंद पड़ी पाइपलाइन, 7 लाख बैरल तेल ले जाने की क्षमता; किसे फायदा?

Mon, 20 Jul 2026 10:14 AM IST
ज्योति भास्कर एजेंसी, बगदाद/वाशिंगटन।

सार

  • ईरान-अमेरिका जंग के कारण उपजा वैश्विक ऊर्जा संकट, कई देशों पर असर।
  • इराक ने तलाशा होर्मुज का विकल्प सीरिया के रास्ते दुनिया को बेचेगा तेल।
  • इराक-सीरिया ने तेल पाइपलाइन के पुनर्निर्माण समझौते पर किए हस्ताक्षर।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका व ईरान के बीच जारी संघर्ष में बुरी तरह प्रभावित ओपेक सदस्य देश इराक ने होर्मुज जलडमरूमध्य का विकल्प तलाश लिया है। अब वह सीरिया के जरिये पूरी दुनिया को अपना तेल बेचेगा। इराक व सीरिया के बीच शुक्रवार को एक पुरानी तेल पाइपलाइन के पुनर्निर्माण के लिए समझौते पर हस्ताक्षर हुए। यह पाइपलाइन होर्मुज का विकल्प बनेगा।

विज्ञापन


बगदाद और दमिश्क के बीच यह समझौता इराक में अमेरिकी निवेश से संबंधित है। समझौते पर बसरा ऑयल कंपनी के सीईओ बासेम अब्दुल करीम नस्र और सीरियन पेट्रोलियम कंपनी के सीईओ यूसुफ कबलावी ने हस्ताक्षर किए।

क्या दुश्मन पड़ोसी देशों पर निर्भरता घटेगी?
खास बात यह है कि समझौते से पहले वाशिंगटन में चैंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से एक सम्मेलन आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने की। राइट ने कहा, इराक में सुधार लाने, तेल उत्पादन बढ़ाने, दुश्मन पड़ोसी देशों पर निर्भरता कम करने और देश में आजादी, खुशहाली और भरपूर ऊर्जा लाने की बहुत गुंजाइश है।
विज्ञापन


7 लाख बैरल तेल ले जाने की क्षमता
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, यह पाइपलाइन उत्तरी इराक के किरकुक से सीरिया के भूमध्य सागर तट तक जाती है। इसकी क्षमता रोजाना 7,00,000 बैरल तेल ले जाने की है। जिस पाइपलाइन की चर्चा हो रही ये करीब 23 साल से बंद है।

पाइपलाइन 2003 से बंद पड़ी है
दरअसल, 2003 में इराक पर अमेरिका के हमले के दौरान नुकसान पहुंचने के बाद से यह पाइपलाइन बंद पड़ी है। पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ओपेक में तेल के दूसरे सबसे बड़ा उत्पादक देश इराक का तेल उत्पादन 50 प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 19 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया, जबकि फरवरी में यह लगभग 42 लाख बैरल प्रतिदिन था। यह सब ईरान युद्ध के चलते हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें